नारायणपुर : गांव से 50 से 200 मीटर की अल्प दूरी पर बने पांच मॉडल गौठान : नरवा, गरूवा, धुरूवा और बाड़ी में पुरूषों के साथ ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर के धुर नक्सल प्रभावित 17 ग्रामों में गौठान बनाये जा रहे है। जिसमें से नारायणपुर विकासखंण्ड के चार गांव बेलगांव, बड़े जम्हरी, भाटपाल, रेमावण्ड और ओरछा विकासखंण्ड का एक ग्राम कंदाड़ी में मॉडल गौठान का काम तेजी के साथ चल रहा है। इस प्रकार नारायणपुर जिले में पांच मॉडल गौठान बनाये जा रहे है। भाटपाल और रेमावण्ड में गौठान का लगभग शत-प्रतिशत काम पूरा हो गया है, शेष 12 गावों में गौठान का काम चालू है। जो मानसून से पहले पूरा हो जायेगा। ये सभी गौठान गांव से 50 से 200 मीटर की दूरी पर है, इन पांच गांव की जनसंख्या लगभग 18 हजार के करीब है।
    जिले में गौठान मवेशियों को आश्रय, चारा, दाना पानी देने के साथ ही इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मे और अधिक मजबूती आयेगी। ग्रामीण पुरूषों के साथ ही महिलाएं भी नरवा, गरूवा, धुरूवा और बाड़ी के कामों में पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ अपनी सहभागिता निभा रही हैं। जिला प्रशासन भी लोगों की भलाई के लिए सक्रियता के साथ है। जिले में छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, धुरूवा और बाड़ी पर जिलाधीष श्री पी.एस. एल्मा पूरी नजर बनाये हुए है। कलेक्टर की हर बैठक इसी विषय से शुरू होती है। अब तक किए कार्यो की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली जाती है। भाटपाल और रेमावण्ड में गौठान का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। जहां मवेषियों के लिए पेड़ों की छाया है, तो वहीं पषुओं की छाया के लिए मचान का भी इंतजाम किया गया है। जहां मवेशियों को तेज धूप से राहत मिल रही है। वहीं मवेशियों के पानी के लिए टयूवैल का भी खनन किया गया है, मवेषियों के लिए पानी की उपलब्धता को देखते हुए गौठान के पास ही छोटे तालाब का भी निर्माण किया गया है।  
    जिले के 17 ग्रामों को चिन्हांकित कर 210.58 एकड़ भूमि में मवेशियों के लिए चारागाह उगाया जा रहा है। भूमि पर उगे चारे से लगभग 5295 मवेशियों को चारा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं जिले के पांच बडे़ गांव जम्हरी, बेलगांव, बाकुलवाही, कुम्हली (गढ़बेंगाल) एवं पूसागांव (पालकी) के पांच नरूवा (नाला) चिन्हांकित किए गए है। इससे भू-जल स्तर बढ़ने के साथ ही खेती-किसानी के लिए पानी जमा होगा ।

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