मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक ई-साक्षरता कार्यक्रम : कबीरधाम जिले के युवाओं के हौसलों को मिली नई उड़ान, रखा डिजिटल दुनिया में कदम

लड़कों की तुलना में लड़कियों ने मारी बाजी, ई-साक्षर बनने में लड़कियों में रूचि अधिक

कवर्धा,छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के 14 से 60 वर्ष के लोगों में शिक्षा के साथ-साथ कम्प्यूटर और इंटरनेट की दुनिया से उन्हे जोड़ने का सपना साकार होते दिखने लगा है। यह संभव हुआ मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम से। इस कार्यक्रम से युवाओं के हौसलों और उनके उम्मीदों को नई उड़ान मिल रही है। कवर्धा नगरीय निकाय में अब तक चार बैच पुरा हो चुका हैं, पांचवां बैच चल रहा है। जुलाई में नया बैच शुरू होगा। पूरे बैच में 60 से अधिक प्रशिक्षाणार्थियों को प्रशिक्षित मिलने के बाद डिजिटल दुनिया में कदम रख लिए है।

मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक के ई-साक्षारता कार्यक्रम तीस दिन का कोर्स है। एक माह के इस अध्ययन काल में व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाना है, ताकि वह डिजिटल डिवाइस जैसे कम्यूटर, टैबलेट, मोबाईल का उपयोग कर सके और ई-मेल प्राप्त कर उन्हे भेज भी सके। साथ ही सूचना के लिए इंटरनेट का उपयोग भी कर सके इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कवर्धा के प्रमुख प्राथमिक शाला में ई-साक्षरता कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 8 मार्च से प्रतिदिन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के पाठ्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत 14 से 60 वर्ष आयु समूह के 25-25 की बैच डिजिटल असाक्षर शिक्षार्थी जून माह बैच का भी नियमित कम्प्यूटर की बेसिक जानकारियो को भी सीख रहे है। इस प्रशिक्षण में प्रतिदिन बेरोजगार युवा, विद्यार्थीगण सहित लड़कियां भी कम्प्यूटर सीखते हुए अपना भविष्य निखार रहे हैं। ई-साक्षर बनने में लड़कों की तुलना में लड़कियों ने ज्यादा रूचि दिखाई है।

लोक शिक्षा समिति के जिला परियोजना अधिकारी श्री के.एल चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम के आवव गढ़बो, डिजिटल छत्तीसगढ़़ के तहत युवाओं को कम्प्यूटर की दक्षता प्रदान करने के लिए कार्यक्रम संचालित की जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 8 मार्च से मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। इसके तहत प्रशिक्षार्थियों को प्रतिदिन 2 घण्टे तक निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण ई-एजुकेटर के द्वारा नगर के प्रमुख प्राथमिक शाला में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में 14 वर्ष से अधिक कोई भी युवा हिस्सा लेकर अपना भविष्य निखार सकते हैं।

वंचित समुदाय को दक्ष बनाने का लक्ष्य
जिला समन्वयक एवं ई-एजुकेटर श्री देवन धु्रर्वे ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 14 वर्ष से 60 वर्ष तक के कोई भी ऐसे व्यक्ति जो ई-शिक्षा से वंचित हैं उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से दक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में ई-साक्षरता केंद्र की स्थापना की गई है. जिसमें प्रारंभिक दौर में कुछ जिले शहरी क्षेत्रों में इसकी शुरूआत है, जिसमें कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर पालिका का भी नाम शामिल है।

डिजिटल साक्षर बनाने का प्रयास
संचार क्रांति के इस दौर में छत्तीसगढ़ को और अधिक डिजिटल साक्षर बनाने तथा उन्नत तकनीक के माध्यम से वर्तमान में दुनिया के साथ कदमताल मिलाने के लिए शहरी क्षेत्रों में वंचित वर्ग तक ई-साक्षरता को पहुंचाने के लिए इस कार्यक्रम की शुरूआत 8 मार्च से की गई है। इसमें प्रत्येक बैच को एक माह तक प्रतिदिन प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके तहत डिजीटल उपकरणों का उपयोग, वित्तीय, कानून, चुनावी साक्षरता सहित जनकल्याणकारी विषयों पर जागरूक बनाना है। इसके लिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला लोक शिक्षा समिति के माध्यम से क्रियान्वयन किया जा रहा है।

कुशलता से कर सकेंगे कम्प्यूटर का उपयोग
जिला लोक शिक्षा समिति के अधिकारियों ने बताया कि साक्षरता के तहत व्यक्ति को कम्प्यूटर, टैबलेट, मोबाइल आदि का कुशलता के साथ उपयोग करना सीखाया जा रहा है। इसके साथ ही ई-मेल प्राप्त करना और भेजने से लेकर आवश्यक दस्तावेज को सुरक्षित रखने का उपयोग बताया जा रहा है। एक माह तक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षार्थियों को छोटे-छोटे काम के लिए कम्प्यूटर दुकान का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। कार्यात्मक साक्षरता से संबंधित क्षेत्र में कुशलता को मिलेगी ही साथ ही वे डिजीटल साक्षर होकर कैश लेस लेन-देन, ई-भुगतान, डिजीटल लॉकर का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। इसके अलावा दस्तावेजों की ई-शेयरिंग करने में भी वे सक्षम हो जाएंगे। वहीं इंटरनेट की सहायता से ऑनलाइन सेवा के द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मोबाइल व कम्प्यूटर पर प्राप्त कर सकेंगे।     

नया बैच जुलाई से-आवेदन आमंत्रित
लोक शिक्षा समिति के ई-एजुकेटर श्री देवन धु्रर्वे ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम का नया बैच जुलाई माह से शुरू होगा। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। उन्होने बताया कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जहां ई-साक्षरता कार्य का आयोजन निःशुल्क व गुणवत्ता पूर्वक व परिणाममूलक प्रशिक्षण सभी वर्ग-आयु समूह के लिए ई साक्षरता केन्द्र खुला हैं। तीस दिन के पाठ्यक्रम में 25-25 की बैठक की नियमित प्रशिक्षण के बाद आंतरिक व आँनलाईन बाह्य मूल्यांकन आयोजित किया जाता है। कवर्धा में इस कार्यक्रम को लेकर 14 से 60 वर्ष के आयु वर्ग के युवा, पुरूष और महिलों में काफी रूचि दिखाई दे रही है।

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