गुहादास की आमदनी हो रही है बढ़िया, बाड़ी विकास से मिल रही खुशियां, गांव के अन्य किसानों के लिये भी बना प्रेरणा

रायपुर, सोनपुरी में रहने वाले किसान गुहादास को सभी जानते है। आखिर जाने भी तो क्यो नही ! गुहादास ने कुछ काम ही ऐसा कर दिखाया है कि गांव के लोग उसे जानते है। सोनपुरी गांव में जैसे ही कोई प्रवेश करता है,गांव के लोगों की नजर गुहादास की बाड़ी में फैली हरियाली पर पड़ता है। गांव में प्रवेश के लिये जो पक्की सड़क है उसकी शुरूआत में ही गुहादास की बाड़ी सड़क के किनारे है। हाल ही के गर्मी के दिनों में भी कुछ ऐसा ही नजारा था। आसपास तो सूखा और गर्मी का माहौल था लेकिन किसान गुहादास की बाड़ी हरी-हरी सब्जियों से गुलजार थी। विपरीत मौसम में हरियाली और बाड़ी से उत्पादित बाजार को जाती सब्जियां गांव के अन्य किसानों के लिये एक प्रेरणा बन गई है। प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में बाड़ी विकास पर दिये जा रहे संदेश का असर भी किसानों पर है। शायद यही वजह है कि गांव में बाड़ी के जरिये कुछ कमाई कर मेहनतकश किसान आत्मनिर्भर बन रहे है। गुहादास की बाड़ी से सप्ताह में 40 से 50 किलों कुंदरू, 20 से 30 किलों ग्वारफल्ली, करेला 10 से 15 किलो,भाजी 20 किलो सहित अन्य सब्जी का उत्पादन होता है। गर्मी के मौसम में सब्जियों से कमाई करने वाला किसान अब मानसून के दस्तक के साथ नये सीजन की सब्जियां लेने की तैयारी कर रहा है।

कटघोरा विकासखंड़ के अंतर्गत ग्राम सोनपुरी के रहने वाले किसान गुहादास के पास एक एकड़ से कुछ कम जमीन है जिसमें वह सब्जी का उत्पादन करता है। उसका बेटा संतोष दास भी बाड़ी में सब्जी उत्पादन के लिये अपना सहयोग देता है। संतोष दास ने बताया कि गर्मी के मौसम में उसके बाड़ी में अलग-अलग प्रकार की सब्जी लगाई गई थी। कुंदरू, करेला, भिंडी, ग्वारफल्ली, कद्दू, चेच भाजी, डोड़का आदि सब्जी का उत्पादन किया। यहा से उत्पादित सब्जियां आसपास के गांव में लगने वाली बाजारों में बेचने के साथ शहर में भी बेची गई। किसान संतोष ने बताया कि अभी बारिश आने वाली है इसलिये नये सीजन के सब्जियों का उत्पादन किया जायेगा। वर्तमान में 40 से 50 किलो  कुंदरू, 10 से 15 किलो करेला, 20 से 30 किलो ग्वारफल्ली, 20 किलो चेचभाजी, 20 किलो डोड़का हर सप्ताह बाजार में बेचने के लिये ले जाता है। बाजार में सब्जी बेचने से उसे जो आमदनी होती है उससे घर में कई आवश्यकतायें पूरी होती है। किसान संतोष ने यह भी बताया कि खाली पड़ी जमीन में जब से सब्जी उत्पादन शुरू किया है गांव के कई किसान उसके पास आते है और हरी भरी सब्जियां देखकर तारीफ करते है। किसान का कहना है कि गर्मी के दिनों में सब्जियों के लिये पानी की कमी रहती है लेकिन उसने मनरेगा के माध्यम से अपनी बाड़ी में कुआं भी खुदवाया है इस कुएं से पानी की उपलब्धता बनी रहती है और सीजन के अनुसार वह सब्जियां भी उगाता रहता है। संतोष दास ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नरवा,गरूवा,घुरवा एवं बाड़ी विकास जैसी योजना से किसानों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में ग्रामीणों को आगे आने की बात कहते है तो बहुत खुशी होती है। हम जैसे किसानों को न सिर्फ विपरीत मौसम में सब्जी उत्पादन के लिये साहस मिलता है बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है। गांव के अन्य किसान सुगंध दास का मानना है कि अब बाड़ी के माध्यम से सब्जियां उगाने में ग्रामीणों की भी रूचि बढ़ेगी।

कोरबा जिले में कुल सात हजार बाड़ी बनेंगे

सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में बाड़ी विकास पर काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत  कोरबा जिले में कुल सात हजार एक बाड़ी बनाया जायेगा। इसके लिये हितग्राही का चयन कर लिया गया है। अभी तक 1247 बाड़ी बनाया जा चुका है। 5754 बाड़ी बनाने का काम किया जा रहा है। इसमें से मनरेगा अंतर्गत 5309 बाड़ी बनाया जा रहा है।

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