कर्ज माफी एवं धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी से जिले के हजारों किसानों के चेहरे में आई मुस्कान : किसान अपने सपने को कर रहे हैं साकार

राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णय इनमें समर्थन मूल्य पर 25 सौ रूपए क्विंटल में धान खरीदी एवं कृषि ऋण माफ करने के लिए केबिनेट की पहले बैठक में लिए निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों के साथ-साथ जिले के हजारों किसान इससे लाभान्वित हुए है। धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी एवं कृषि ऋण माफी योजना से जिले के मेहनतकश कृषकों के आत्मविश्वास जगाने में सफल एवं उनके श्रम का भरपूर सम्मान करने की कोशिश की गई है।

सरकार के द्वारा कृषि ऋण माफी एवं धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी कर किसानों के धान को की गई खरीदी से किसानों के जीवन में एक नवा उत्साह और परिवार की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने का अवसर मिला है। महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरदा के आश्रित ग्राम मुड़मार के 62 वर्षीय किसान श्री पुरूषोत्तम यादव बताते है कि वे विगत 10-12 वर्षो से सहकारी समिति झालखम्हरिया से कृषि कार्य के लिए खाद, बीज एवं ऋण लिए थे। जिसकी राशि लगभग 20 हजार रूपए की थी। उन्हें हमेशा यह चिंता बनी रहती थी कि उनको इस ऋण राशि से आसानी से मुक्ति मिले, इसके लिए वे प्रत्येक वर्ष में कृषि कार्य में काफी मेहनत करते थे, परन्तु उन्हें हमेशा निराशा ही हाथ लगती थी, क्योकि पूर्व में उन्हें अपने मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पाता था। इस वर्ष राज्य सरकार ने कृषि ऋण माफी एवं धान का समर्थन मूल्य पर बढ़ोत्तरी करने से उन्हें राहत मिली है।

इसी प्रकार 65 वर्षीय किसान श्री बाजारू ध्रुव बताते हैं कि उनके पास मात्र ढ़ाई एकड़ की जमीन है वे विगत दो-तीन वर्ष पूर्व सहकारी समिति के माध्यम से खाद बीज कि लिए 10 हजार रूपए का ऋण लिए थे। लेकिन उन्हें वे अच्छी फसल होने एवं धान की अच्छी पैदावारी होने पर चुकाने की कोशिश करते थे, परन्तु उन्हें हर बार ऋण नहीं चुका पाने का दुःख होता था, लेकिन इस बार शासन द्वारा लिए गए बहुप्रतिक्षित निर्णय से उनकी सभी प्रकार की चिंताए दूर हुई है, वे अब नए तरीके से कृषि कार्य करने के लिए काफी उत्साहित है। 

इसके अलावा 55 वर्षीेय किसान श्री तुलस ध्रुव ने बताया कि उनके पास मात्र एक एकड़ की कृषि भूमि है। उनके द्वारा भी सहकारी समिति के माध्यम से कृषि कार्य के लिए तीन हजार रूपए का ऋण लिया गया था। लेकिन उन्हें भी हमेशा लिए गए ऋण को चुकाने की चिंता लगी रहती थी तथा आने वाले सीजन में कृषि के लिए साहूकारों से ऋण लेने का मन बना चुके थे, परन्तु सरकार बनने के उपरांत कृषि ऋण माफी एवं धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से उनकी सारी चिंताए दूर हो गई। वे कहते है कि अब सभी किसानों को इस योजना का भरपूर फायदा मिला है। अब किसान अपने-अपने जरूरत की सभी सामग्रियां भी आसानी से खरीद रहे हैं।

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