कर्ज माफी से किसान दुलेश राम की चिंता हुई दूर , खाते में जमा राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए करेंगे

रायपुर, राज्य सरकार के द्वारा अल्पकालीन कृषि ऋण के माफ करने के निर्णय सेे राजनांदगांव जिले के ग्राम धामनसरा के किसान दूलेशराम पटेल की कर्ज अदायगी की चिंता दूर हुई है। समुचित वर्षा नहीं होने के कारण फसल की पैदावार ठीक नहीं होने से पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा बैंक से लिए कर्ज की अदायगी के लिए श्री दूलेशराम चिन्तित रहते थे। शासन के उक्त निर्णय ने इनके मुश्किल आसान कर दी है।
    राज्य सरकार की कल्याणकारी निर्णय की सराहना करते हुए किसान श्री दुलेशराम ने कहा कि उनके जैसे अनेक छोटे-बड़े किसानों को मुश्किल वक्त में सहारा मिला है। किसान श्री दुलेशराम ने बताया कि उनके पास उनके पास ग्राम धामनसरा में कुल 3 एकड़ पैतृक जमीन है। इसी जमीन में खेती करके एवं मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने के अलावा अपने बच्चों का पढ़ाई का खर्च भी उठाते हैं।
    उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी के अलावा उनके दो पुत्री एवं एक पुत्र भी है। उनकी बड़ी पुत्री केशरी बीए अंतिम वर्ष एवं उनके पुत्र प्रवीण इस वर्ष बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण किया है। इसके साथ ही उनकी छोटी पुत्री दीप्ति भी कक्षा बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। किसान श्री दूलेशराम ने बताया कि उनके पास जमीन कम होने एवं जीविकोपार्जन के लिए खेती-किसानी के अलावा दूसरा और कोई साधन नहीं होने से उसे खाद्य-बीज तथा खेती किसानी के अन्य कार्यों के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से  ऋण लेना पढ़ता है।
    उन्होंने सहकारी समिति सुरगी विकासखंड राजनांदगांव के माध्यम से 30 हजार रूपए नगद एवं खाद-बीज के लिए 5 हजार रूपए सहित कुल 35 हजार रूपए का कृषि ऋण लिया था। लेकिन इस वर्ष समुचित वर्षा नहीं होने से उनके फसल का पैदावार ठीक तरीके से नहीं हुआ। जिसके कारण हमेशा चिंतित रहते थे।
    वे एनकेन प्रकरण मेहनत-मजदूरी करके बैंक के कर्ज का बड़ा मुश्किल से अदायगी भी कर दिया था। जिसके कारण उसे काफी दिक्कतें भी हुई। लेकिन शासन के निर्णय अनुसार कर्ज माफी हो जाने से अदा किए गये कर्ज की राशि उनके खाते में जमा हो गया। उन्होंने कहा कि अब उसे अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अपने खाते में जमा राशि का उपयोग अपने बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के अलावा अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए करेंगें।

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