उन्नत तकनीक और जैविक खेती से अंकालू राम की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

रायपुर, कांकेर जिला के किसान उन्नत तकनीक से जैविक खेती कर खुद को आर्थिक रूप से सशक्त कर रहे हैं। अब कृषक पारंपरिक तरीके से खेती करना छोड़ आधुनिक तरीके से खेती करना शुरू कर दिया है। भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम डोंगरकट्टा के प्रगतिशील किसान श्री अंकालू राम ने 1.91 हेक्टेयर भूमि में ड्रीप इरीगेशन सिस्टम लगवाकर खेती कर रहे हैं। उन्होंने परम्परागत खेती धान के अलावा मसालों और सब्जियों की खेती करना भी प्रारंभ कर दिया है। पारंपरिक खेती में जहां आमदनी कम होती थी वहीं सब्जी की खेती करने से आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है। अंकालू राम ने बताया कि दो वर्ष पूर्व तक वह सिर्फ वर्षा आधारित धान की फसल ही ले पाता था, लेकिन अब कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर धान की फसल के साथ-साथ मसालों और सब्जियों की खेती भी कर रहा है। कृषक अंकालूराम ने जैविक खाद, जैविक कीट नियंत्रण विधि एवं समुचित सिंचाई का उपयोग कर तथा समय-समय पर कृषि विस्तार अधिकारियों के द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार कृषि कार्य कर उत्पादित फसल को स्वयं के उपयोग के साथ-साथ उचित मूल्य पर बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अंकालू राम टपक सिंचाई से वर्षभर फसल उत्पादन करते हंै, जिसके फलस्वरूप परिवार के सभी सदस्यों को कृषि कार्य में निरंतर रोजगार मिल रहा है एवं परिवार की आर्थिक दशा में भी सुधार आया है।
अंकालू राम ने कृषक समृद्धि योजना का लाभ उठाकर सफल नलकूप खनन करवाया, जिसमें उसे विभाग की ओर से 43 हजार रूपये का अनुदान मिला। कृषक को सिंचाई का साधन उपलब्ध होने से कृषि कार्य में गति आई हैं। उन्होंने अपनी भूमि पर उद्यानिकी विभाग से टपक सिंचाई पद्धति लगवा कर खेती करने सेे उनकी आमदनी में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई हैं। कृषक अंकालू राम वर्तमान में सम्पूर्ण विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर एक सफल कृषक बनने की ओर अग्रसर है। विकासखण्ड भानुप्रतापपुर में कृषि विभाग के आत्मा योजना से कृषक ने स्प्रेयर, धान, मक्का, अरहर, धनिया बीज एवं जैविक खाद आदि निःशुल्क प्राप्त कर शासकीय योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। कृषि विभाग एवं आत्मा योजनांतर्गत संचालित प्रशिक्षण, शैक्षणिक भ्रमण और खेत पाठशाला कार्यक्रमों में भी कृषक अपना योगदान दे रहा है। कृषक अंकालू राम की वर्तमान में वार्षिक आय 3 लाख रूपये है। साथ ही उन्हें आत्मा योजनांतर्गत जैविक धनिया की खेती कर 35 हजार रूपये का लाभ मिला है। श्री अंकालू राम अपने आसपास के क्षेत्र के कृषकों को भी कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर उन्नत खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय कृषि विभाग एवं आत्मा योजनांतर्गत बीटीएम तथा एटीएम को दिया है।

Post a Comment

0 Comments