डबरी एक फायदे अनेक : खेती एवं मछलीपालन कर श्री नारंग का जीवन हुआ खुशहाल

जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मोरधा (Gram Panchayat Moradha) के आश्रित ग्राम मुरकी (Muraki) में निवासरत लघु किसान श्री भरत लाल नारंग मनरेगा योजना के तहत डबरी निर्माण कर खेती किसानी, मछलीपालन एवं सागसब्जियां लगाकर सफलता पूर्वक जीवन यापन कर आमदनी प्राप्त कर रहे है।

उल्लेखनीय है कि श्री नारंग के पास मात्र एक एकड़ 25 डिसमिल कृषि योग्य भूमि थी। जिसमंे वे कृषि कर बड़ी मुश्किल से वे अपने चार परिवार का जीयन यापन कर पाते थे। उनके मन में हमेशा कृषि के माध्यम से ही आगे बढ़ने की इच्छा थी। इसके लिए वे गंाव के कृषक मित्र से शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। कृषक मित्र ने उन्हें बताया कि मनरेगा योजना के तहत खेत में डबरी निर्माण कर अपनी आय को बढ़ा सकते है। यह बात उन्हें अच्छी लगी और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर योजना के बारे में विस्तारर्पूक जानकारी ली।

अधिकारियों ने उन्हें मनरेगा योजना के तहत डबरी निर्माण के कार्य के लिए प्रोत्साहित किया और उनके खेत में डबरी निर्माण के लिए 2 लाख 72 हजार रूपए की स्वीकृति दी गइ।। इसके उपरांत श्री नारंग के खेत में डबरी निर्माण हो जाने से वर्षा के पानी को एकत्र कर उन्होंने अपने खेतों के सिंचाई के लिए पानी का उपयोग तथा डबरी में मछलीपालन का कार्य प्रारंभ किया, मछलीपालन से उन्हें प्रतिवर्ष दो लाख रूपए का आमदनी प्राप्त हो रही है। इसके अलावा वे डबरी के पानी से ईट निर्माण भी का व्यवसाय भी कर रहे है। उनकी पत्नि श्रीमती मीना नारंग महिला स्वसहायता समूह की सदस्य है। उनके स्वसहायता समूह से ऋण लेकर डबरी के मेढ़ पर अरहर, साग-सब्जी सहित अन्य उत्पादन कार्य कर रहे है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आई है। अब उनका परिवार काफी खुशहाल जीवन यापन व्यतित कर रहा है। इसके अलावा डबरी निर्माण से उनके भू-जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है।

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