पोषण पुनर्वास केन्द्र से साहिल हुआ तंदरूस्त : नटखट साहिल की अठखेलियों से खुश है परिवार

जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड सक्ती में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में सक्ती सहित जैजैपुर व मालखरौदा क्षेत्र के 113 गंभीर कुपोषित बच्चों को इसका लाभ मिला है। गंभीर कुपोषित बच्चों का वजन बढ़ा है, बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन भी हो रहा है। गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए यह केन्द्र जीवनदायिनी है। इस केन्द्र की शुरूआत सितंबर 2012 मे हुई थी।

ग्राम चमरवाह-सक्ती के साहिल की नटखट हरकतो से उसका परिवार खुशहाल है। साहिल की मां श्रीमती गीता धनवार का कहना है कि साहित पहले से दूसरे हम-उम्र के बच्चों की तुलना में कमजोर था, खाने पीने में उसकी रूचि नहीं थी। कम बोलता व गुमसुम सा गोद में ही रहता था। उसे देखकर परिवार के सदस्यों को चिंता होती थी। गांव की मितानिन श्रीमती सहोद्रा पटेल बच्चें की कमजोरी को देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ से उपचार करवाने एवं सक्ती में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र की जानकारी दी। स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत डॉक्टर ने 15 दिन के लिए केन्द्र में भर्ती कर लिया। केन्द्र में भर्ती के दौरान साहिल व उसकी मॉ गीता को आवश्यक दवाई व पौष्टिक आहार निःशुल्क दिया गया। साहिल के वजन में 15 दिनों में ही एक किलो 50 ग्राम की वृद्धि हुई। चेहरे मे चमक व स्वस्थ दिखने लगा। दूसरे हम-उम्र के बच्चों की तरह अठखेलियां करता और खाने-पीने में रूचि लेने लगा। केन्द्र से डिस्चार्ज के समय डायटिशियन द्वारा पौष्टिक आहार तैयार करने एवं स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गयी। श्रीमती गीता के खाते में 15 दिनों की क्षतिपूर्ती राशि दो हजार 250 रूपये जमा किया गया। इस 10 बिस्तर वाले केन्द्र में भर्ती अन्य बच्चों की माताओं ने भी चिकित्सक, डायटिशियन एवं अन्य स्टाफ के सहयोगात्मक व्यवहार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र में ईलाज के दौरान बच्चों की दिनचर्या और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

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