राज्योत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू : छत्तीसगढि़या कलेवर में रंगा होगा इस साल का राज्योत्सव

रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में होगा एक नवम्बर से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन

20th Sthapana Divas Chhattisgarh
छत्तीसगढ के 20वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में एक नवम्बर से तीन नवम्बर तक राज्योत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा। इस साल का राज्योत्सव छत्तीसगढि़या कलेवर में रंगा होगा। प्रशासन ने राज्योत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं।
 
राज्योत्सव का आयोजन लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा जिसमें 19 शासकीय विभागों की योजनाओं और गतिविधियों से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास, जनसम्पर्क, खनिज, श्रम, संस्कृति तथा पर्यटन, जल संसाधन, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आवास एवं पर्यावरण,लोक निर्माण, ऊर्जा, कृषि, आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, महिला तथा बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण तथा शिक्षा विभाग शामिल हैं। इसके साथ ही फूड कोर्ट में 26 स्टॉल होंगे जिसमें गढ़कलेवा के छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ अन्य व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। व्यवसायिक पेवेलियन में विभिन्न उद्योगों से संबंधित 52 स्टॉल होंगे इनमें उद्योग विभाग से लाभान्वित कुटीर और लघु उद्यमियों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। लोगों की जानकारी और प्रदर्शन के लिए पब्लिक सेक्टर यूनिट एन.टी.पी.सी, जेएसपीएल, बाल्को, एनएमडीसी, बीएसपी, सीएसआईडीसी, बार्क के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र, अग्निशमन केन्द्र, पुलिस सहायता केन्द्र और मीडिया सेंटर की व्यवस्था की गई है। राज्योत्सव के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए विशाल स्टेज बनाया गया है। यहां छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा विभिनन प्रस्तुतियां दी जाएंगी। राज्योत्सव के आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर ली है।
 
राज्योत्सव में कृषि विभाग का पृथक स्टॉल लगाया जा रहा है, जिसमें राज्य की महत्वाकांक्षी योजना ‘नरवा गरवा घुरवा बारी‘ का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें मछली पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वय से छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले पशु, पौधे सहित तालाबों एवं नदियों में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मछलियों का एक्वेरियम के माध्यम से प्राकृतिक और जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ अपने प्राकृतिक कोसा के लिए भी प्रसिद्ध है। रेशम विभाग द्वारा डाबा कोसा और बस्तर के रैली कोसा कोकून से कोसा धागा निर्माण प्रक्रिया को भी दिखाया जाएगा। राज्य शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये गए नवाचारों को शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल और जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से बताया जाएगा ।       

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों सहित विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में तीन दिनों तक होंगे आयोजन
साइंस कॉलेज मैदान में एक नवम्बर को शाम सात बजे आयोजित राज्योत्सव शुभारंभ एवं अलंकरण समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती सोनिया गांधी होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे। समारोह के विशिष्ट अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, मंत्री श्री टी.एस.सिंह देव, श्री ताम्रध्वज साहू, श्री रविन्द्र चौबे, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, श्री मोहम्मद अकबर, श्री कवासी लखमा, डॉ. शिव कुमार डहरिया, श्रीमती अनिला भेंडि़या, श्री जयसिंह अग्रवाल, गुरू रूद्र कुमार, श्री उमेश पटेल, श्री अमरजीत भगत, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, सांसद श्री सुनील सोनी और महापौर रायपुर श्री प्रमोद दुबे होंगे।

दो नवम्बर को शाम 6.30 बजे आयोजित अलंकरण समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या की मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी। समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. शिव डहरिया, सांसद श्री सुनील सोनी, सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, विधायक श्री धनेन्द्र साहू, विधायक श्री बृृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, विधायक श्री विकास उपाध्याय और महापौर रायपुर श्री प्रमोद दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप मेे शामिल होंगे।

तीन नवम्बर को शाम 6.30 बजे आयोजित अलंकरण एवं समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री श्री टी.एस.सिंहदेव, श्री ताम्रध्वज साहू, श्री रविन्द्र चौबे, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, श्री मोहम्मद अकबर, श्री कवासी लखमा, डॉ. शिव कुमार डहरिया, श्रीमती अनिला भंडि़या, श्री जयसिंह अग्रवाल, गुरू रूद्र कुमार, श्री उमेश पटेल, श्री अमरजीत भगत, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, सांसद श्री सुनील सोनी, महापौर रायपुर श्री प्रमोद दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


छत्तीसगढ़ राज्योत्सव एक नवम्बर को : श्रीमती सोनिया गांधी करेंगी शुभारंभ : राज्योत्सव में तीनों दिन बिखरेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा पंडवानी, पंथी, करमा, सैला, सुआ, सरहुल और राउत नाच की रहेगी धूम छत्तीसगढ़ राज्य के 20वें स्थापना दिवस पर 01 से 03 नवम्बर 2019 को साइंस कालेज मैदान रायपुर में भव्य एवं गरिमामय राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखरेगी। तीनों दिन छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य, वादन, गायन के साथ गीत-गजल एवं सुगम संगीत की भी प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रमों में पंडवानी गायन, पारम्परिक नृत्य पंथी, गेड़ी, गौरी-गौरा, राउत नाचा, करमा, सैला, गौर, ककसाड़, धुरवा, सुआ नृत्य, सरहुल नृत्य, सैला नृत्य, राउत नाच, और ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के तीनों दिन लोकमंच का भी कार्यक्रम आयोजित होगा।

इस वर्ष राज्योत्सव का शुभारंभ एक नवम्बर को शाम 7 बजे श्रीमती सोनिया गांधी के करकमलों से होगा। 2 नवम्बर को मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी तथा राज्योत्सव का समापन 3 नवम्बर को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा। इस वर्ष राज्योत्सव में राज्य शासन द्वारा स्थापित अलग-अलग क्षेत्रों के राज्य स्तरीय सम्मान तीनों दिन प्रदाय किए जाएंगे। साथ ही इस वर्ष राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य के ही कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रतिदिन राज्य के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक लोकनृत्यों की छटा के साथ ही पारंपरिक लोक गाथाओं की भी प्रस्तुति होगी।

कार्यक्रम का आरंभ मांगलिक मोहरी वादन से होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना गीत-अरपा पैरी के धार की प्र्रस्तुति होगी। फिर लोकनृत्यों का संगम होगा, जिसमें राज्य के विभिन्न अंचलों के लोक नर्तक दलों की प्रस्तुति होगी। इस प्रस्तुति में पंथी, गेड़ी, गौरी-गौरा, राउत नाचा, करमा, सैला, गौर, ककसाड़, धुरवा, सुआ नृत्य का संयोजन होगा। इसी क्रम में पंडवानी गायन, रायगढ़ की कत्थक शैली में समूह नृत्य की प्रस्तुति होगी तथा रंगारंग लोकमंच के कार्यक्रम के साथ प्रथम दिवस की सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा।

राज्योत्सव की द्वितीय सांस्कृतिक संध्या का आरंभ खंझेरी भजन से होगा। इसके पश्चात उत्तर छत्तीसगढ़ का सरहुल और सैला नृत्य, मध्य छत्तीसगढ़ का राउत नाच तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ का ककसार नृत्य होगा। इस क्रम में अल्फाज और आवाज गीत-गजलांे का कार्यक्रम होगा। साथ ही पियानो एवं एकार्डियन तथा वाद्यवृंद की प्रस्तुति होगी। इसी दिन ओड़िसी और भरतनाट्यम के अलावा पारंपरिक भरथरी गायन तथा सरगुजिहा गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन लोकमंच के साथ होगा। राज्योत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या का आरंभ छत्तीसगढ़ी सुगम गायन से होगा। इस दिन पूर्वी छत्तीसगढ़ का करमा, उत्तरी छत्तीसगढ़ का लोहाटी बाजा, दक्षिण छत्तीसगढ़ का गेड़ी नृत्य तथा मध्य छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य होगा। इसके पश्चात कठपुतली का कार्यक्रम, कबीर सूफी गायन होगा। वाद्यवृंद में तालकचहरी तथा सेक्सोफोन एवं गिटार की प्रस्तुति होगी। पारंपरिक लोक गायन ढोलामारू के पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति लोकमंच से होगी।

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