समुन्द्र तल से 4 हजार 101 फिट कि ऊचाई पर लहराया तिरंगा, 102 फिट ऊंचा तिरंगा लहराया माऊण्ट आबू मे

इंटरनेट डेस्क। राष्ट्र के गौरव का प्रतीक 102 फीट ऊंचा तिरंगा समुंद्र तल से 4101 फिट की ऊंचाई पर लोकार्पण प्रदेश का पहला झंडा है इतनी ऊंचाई पर सेनाओं के अधिकारी प्रशासन व हजारों नागरिकों के बीच माउंट आबू में हुआ लोकार्पण। राजस्थान के इतिहास में पहली बार राज्य के सबसे ऊंचा तिरंगा एक्सो फीट ऊंचा का लोकार्पण समुद्र तल से 4101 फीट की ऊंचाई पर नगरपालिका आबू पर्वत द्वारा नक्की झील स्थित राष्ट्रीय उद्यान में सेनाओं के अधिकारी पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी राजस्थान सरकार के उप सचेतक रहे एवं पूर्व विधायक रतन देवासी नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंगर उपखंड अधिकारी डॉ रविंद्र कुमार गोस्वामी की उपस्थिती मे 118 स्वच्छता सैनिकों की उपस्थिति में किया गया 102 फीट लंबाई एवं 4101 फीट ऊंचाई पर तिरंगे को राष्ट्रगान के साथ सलामी देते हुये लहराया गया। यह तिरंगा हमेसा इसी तरह से लहराता रहेगा राष्ट्रीय ध्वज के नियमों के तहत इसका लोकार्पण नगरपालिका की एक स्वच्छ कर्मी ने बटन दबाकर किया इस अवसर पर हजारों की संख्या में आबू के नागरिक महिला पुरुष बच्चे उपस्थित थे इस अवसर पर थे। माउंट आबू में राजस्थान का यह पहला इतना ऊंचा तिरंगा और समुद्र तल से इतनी ऊंचाई पर फेरा तिरंगा राजस्थान इतिहास बनाएगा और राजस्थान में आने वाले देशी.विदेशी सैलानियों जो माउंट आबू की भी भ्रमण पर आते हैं एक इतिहास रचा जाएगा इस तिरंगे को स्थापित करने का उद्देश्य यह है कि स्थानीय नागरिकों पर्यटकों के मन में राष्ट्र के प्रति राष्ट्रीय भावना जागृत रहे उसके प्रतीकात्मक उद्देश्यों को पूर्ण कर आने वाली भारतीय पीढ़ी को भी राष्ट्रभक्ति के प्रति यह तिरंगा मार्गदर्शन देता रहेगा नक्की झील पर लगाने का उद्देश्य भी यह रहा है कि आबू पर्वत के प्रति वर्ष आने वाले 25 से 30 लाख सैलानी जो पर्यटक यहां आते हैं जो नक्की झील पर अवश्य भ्रमण करते हैं इस कारण पर्यटकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा एवं माउंट आबू में नक्की लेक पर तिरंगे को सलामी भी पर्यटक भी दे सकेंगे।



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