नरवा कार्यक्रम के तहत 60 नाला में होंगे जल संरक्षण के कार्य : नरवा कार्यक्रम हेतु कार्यशाला सम्पन्न

जिले में नरवा कार्यक्रम को मिशनमोड में लेकर कार्य करें अधिकारी- कलेक्टर

गरियाबंद, जिले में सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा कार्यक्रम के तहत 60 नाला में जल संरक्षण के कार्य कराये जायेंगे। इस हेतु वन विभाग के ऑक्सन हॉल में वन,कृषि  एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की गुरूवार 03 अक्टूबर को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में कलेक्टर श्री श्याम धावड़े , वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री आर.के. खुटे भी सम्मलित हुए।
 
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री धावडे़ ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत जिले में गौठान निर्माण, घुरवा उन्नयन और बाड़ी कार्यक्रम बेहतरढंग से हुए है। अब हमें नरवा कार्यक्रम भी अच्छे ढंग से करना है। उन्होंने कहा कि जल एक राष्ट्रीय सम्पदा है, धरती पर जितने जीव-जन्तु है जल पर सभी का अधिकार है। हमें जल सरक्षण कार्यक्रम को मिशनमोड में लेकर पूर्ण करना है। कलेक्टर ने कहा कि हमारे पूर्वज भी जल प्रबंधन करते आए हैं,आज हमे स्थानीय आवश्यकताओं के मुताबिक कार्य करना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सुझाव और उनकी भागीदारी से जिले में नरवा कार्यक्रम का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। कलेक्टर ने बताया कि जिले कि 48 फीसदी वन भू-भाग में वन विभाग द्वारा तथा शेष क्षेत्रों में पंचायत, कृषि एवं सम्बधित विभागों द्वारा जल संरक्षण का कार्य किया जायेगा। नरवा कार्यक्रम के लिए मॉडल के रूप में गरियाबंद जिले का चयन किया गया है। अतएव जिले में नरवा कार्यक्रम दिखना चाहिए। इसके लिए सभी को पुरी तनमयता के साथ कार्य करना होगा। कलेक्टर ने आगाह किया कि नरवा कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कोताही अक्षम्य होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्यक्रम के तहत किसी भी प्रकार की तकनीकी दिक्कत के लिए वनमण्डाधिकारी से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का सुझाव भी दिया। कार्यशाला में वनमण्डाधिकारी श्री अग्रवाल ने कार्यक्रम की तकनीकी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी । इस अवसर पर कार्यशाला में सभी जनपद पंचायत के सीईओ,कृषि, वन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Post a Comment

0 Comments