भाजपा ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने से किया इनकार, शिवसेना को दिया राज्यपाल ने न्योता

महाराष्ट्र में सरकार गठन का पेंच खुलता दिखाई नहीं दे रहा है. बल्कि हर गुजरते दिन के साथ मसला पेचीदा बनता जा रहा है और भाजपा व शिवसेना में तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों के रुख से अब साफ हो गया है कि गठबंधन टूट गया है और महाराष्ट्र संभावित राष्ट्रपति शासन की तरफ जाता दिख रहा है. दो दिन पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने विधानसभा में सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था. लेकिन भाजपा ने सरकार बनाने से मना कर डाला. अब राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने को कहा है और पूछा है कि इसका तरीका क्या होगा.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने साफ कर दिया है कि शिवसेना पहले भाजपा से गठबंधन तोड़े उसके बाद ही आगे की बातचीत होगी. सियासी घटनाक्रम रोज बदल रहा है और सियासी दल जोड़-घटाव में लगे हैं. सरकार गठन को लेकर तनातनी के बीच भाजपा के सरकार बनाने पर असमर्थता प्रकट करने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया है. राज्यपाल ने कहा कि सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक सरकार गठन के बारे में शिवसेना जानकारी दे. राज्यपाल ने शिवसेना को पत्र भी भेजा है. महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद में अब नया मोड़ ले लिया है. भाजपा की बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस राजभवन पहुंचे, जहां भाजपा ने राज्यपाल को सरकार बनाने के बारे में असमर्थता के बारे में सूचित किया था. 

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने प्रेस कांफ्रेस कर शिवसेना पर निशाना भी साधा था. उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शिवसेना व अन्य दलों के साथ मिलकर महायुति बनाई थी. जनता ने महायुति को जनादेश देकर सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी लेकिन शिवसेना ने जनादेश का अनादर किया है. लिहाजा हम राज्यपाल को बताया कि हम सरकार नहीं बनाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमें सरकार बनाने का आमंत्रण भेजा था लेकिन बहुमत की संख्या नहीं होने की वजह से हम सरकार नहीं बनाएंगे. 

भाजपा की बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस राजभवन पहुंचे, जहां भाजपा ने राज्यपाल को सरकार बनाने के बारे में असमर्थता के बारे में सूचित किया. महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने प्रेस कांफ्रेस कर शिवसेना पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शिवसेना व अन्य दलों के साथ मिलकर महायुति बनाई थी. जनता ने महायुति को जनादेश देकर सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी लेकिन शिवसेना ने जनादेश का अनादर किया है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा को 105 सीटों पर जीत मिली थी वहीं शिवसेना 56 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी.

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था लेकिन किन्हीं कारणों से दोनों दलों के मनमुटाव सामने आ गए. जिस कारण राज्य सरकार के गठन का मामला अधर में लटक गया. राज्यपाल की तरफ से सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था, जिसके जवाब में भाजपा ने सरकार बनाने पर अपनी असमर्थता जता दी है. शिवसेना क्या फैसला लेती है, अब देखना बाकी है. लेकिन सियासी घमासान मचा है और आरोप-प्रत्यारोपों का दौर जारी है.  (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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