पहली बार शरद पवार ने तोड़ी नागरिकता कानून पर चुप्पी, बोले ये कानून एक धर्म को...

नागरिकता कानून पर देश भर में बवाल चल रहा है। विरोध प्रदर्शनों का दौर भी लगातार जारी है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा हो चुकी है। योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 20 जिलों में इंटरनेट पर रोक लगा दी है। वहीं कानून को लेकर बयानबाजी भी जारी है। पहली बार एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने नागरिकता कानून के खिलाफ चुप्पी तोड़ दी। उन्होंने बड़ा बयान दे दिया है।

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कांग्रेस से लेकर दूसरे दल कर रहे हैं विरोध

लोकसभा और राज्यसभा की अग्निपरीक्षा पास कर चुके नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है। कई बड़े राजनीतिक दल भी इस कानून के खिलाफ उतर गए हैं। सबसे बड़ा विरोध कांग्रेस पार्टी की ओर से हो रहा है। वहीं इस कानून का विरोध कर रहे हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हिंसा रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अगर कानून के खिलाफ अब हिंसा की गई तो वो विरोध से खुद को अलग कर लेंगे।

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शरद पवार ने तोड़ी कानून पर चुप्पी

नागरिकता कानून पर पहली बार एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने चुप्पी तोड़ दी है। उनका कहना है कि ये कानून एक धर्म को निशाना बनाने की कोशिश है। एनसीपी मुखिया बोले कि इस कानून की आड़ में देश के दूसरे मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल और श्रीलंका से आने वाले लोगों के लिए कुछ नहीं कहा गया है। दूसरी ओर अफगानिस्तान औऱ पाकिस्तान से आने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पवार बोले कि सिर्फ अल्पसंख्यक नहीं दूसरे लोग भी इस कानून के खिलाफ हैं।

दोस्तो आपको क्या लगता है शरद पवार का कहना कितना सही है, कमेंट में बताएं और न्यूज शेयर करें।



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