राजघाट पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस ने लिया संकल्प

देश में संग्राम है. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) को लेकर प्रदर्शन जारी है. देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैलियों को संबोधित करते हुए एनआरसी पर जिस तरह से झूठ बोलते हैं, वह हैरान करने वाला है. देश के गृह मंत्री अमित शाह न सिर्फ संसद में बल्कि कई समाचार चैनलों पर एनआरसी और सीएए लागू करने की बात सीना ठोंक कर कहते हैं. नरेंद्र मोदी रामलीला मैदान में विपक्ष पर हमला करते हुए कहते हैं कि देश में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं है लेकिन असम में छह डिटेंशन सेंटर हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि झूठ क्यों बोल रहे हैं प्रधानमंत्री. सीएए और एनआरसी के विरोध में कांग्रेस नेराजघाट पर प्रदर्शन किया.राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी जब आप छात्रों पर गोलियां चलवाते हैं, जब आप उन पर लाठीचार्ज करवाते हैं या जब आप पत्रकारों को धमकाते हैं तो आप देश की आवाज को दबाते हैं.

प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा किजब बात कपड़ों की होती है तो पूरा देश आपको ही आपके कपड़ों के कारण जानता है. वे आप ही थे जिन्होंने दो करोड़ रुपए का सूट पहना था. वह देश के लोगों ने तो नहीं पहना था.इससे पहले इस प्रदर्शन मेंकांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल हुए. सोनिया, राहुल और मनमोहन ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. प्रियंका ने लोगों से संविधान की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया.

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राहुल ने युवाओं से अपील की. उन्होंने कहा कि मेरे साथ जुड़िए. धरने में सोनिया, राहुल और मनमोहन ने अंग्रेजी में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, तो प्रियंका ने हिंदी में कहा किहम सब संकल्प करें किसंविधान की रक्षा करेंगे, उसे नष्ट नहीं होने देंगे.दरअसलराहुल गांधी ने ट्वीट कर युवाओं से इस प्रदर्शन से जुड़ने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों और युवाओं, अब सिर्फ यही काफी नहीं कि आप भारत को महसूस करें. इस तरह के नाजुक समय में यह बताना जरूरी है कि आप खुद भारत हैं और इसे नफरत से तबाह नहीं होने देंगे. भारत में मोदी-शाह की नफरत और हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन के लिएमेरे साथ राजघाट में जुड़िए.

राहुल ने एक दिन पहले ही ट्वीट कर मोदी और शाह पर छात्रों और युवाओं के भविष्य को तबाह करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि सरकार अर्थव्यवस्था की तबाही पर आपका गुस्सा नहीं झेल सकती, इसलिए वे आपको अपनों से अलग करने की कोशिश कर रही है.

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दूसरी तरफ, भाजपा ने कोलकाता में सीएए के समर्थन में रैली निकाली. इसमें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पूरा बंगाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा दिखाई देता है. राज्य ने नागरिकता संशोधन कानून का स्वागत किया है. बंगाल के लोग देशभक्त हैं. एक बार मनमोहन सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी से कहा था कि विभाजन के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक काफी कष्ट उठा रहे हैं. यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि भारत आए ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाए.

जामिया में प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा के अगले ही दिन राहुल गांधी दक्षिण कोरिया दौरे पर निकल गए थे. इसे लेकर उनकी काफीआलोचना हुई थी. राहुल की गैरमौजूदगी में उनकी बहन प्रियंका गांधी युवाओं के साथ प्रदर्शनों में शामिल हुईं.उन्होंने 17 दिसंबरको इंडिया गेट पहुंचकर सीएए कानून के खिलाफ विरोध जताया फिर 28 दिसंबर को एक बार फिर दिल्ली के दरियागंज में हुई हिंसा के खिलाफ वे इंडिया गेट पहुंची थीं.(राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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