ममता बनर्जी की जनमत संग्रह की मांग पर आया संयुक्त राष्ट्र का बड़ा जवाब, कहा सिर्फ...

नागरिकता कानून की वजह से देश के विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। इनमें पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल हैं। उन्होंने मोदी सरकार के नागरिकता कानून के विरोध में पहले ही ऐलान कर दिया है कि वो अपने राज्य में इस कानून को लागू ही नहीं होने देंगी। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कह दिया है कि एनआरसी को भी इस राज्य में नहीं आने देंगी। वहीं उन्होंने हाल ही में एक बड़ा बयान दे दिया था जो यूएन के जनमत संग्रह से जुड़ा हुआ था। इस बयान पर संयुक्त राष्ट्र ने बड़ा जवाब दे दिया है।

Google Image

जानें क्या था ममता बनर्जी का बयान

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नागरिकता कानून के विरोध में बड़ा बयान दे दिया था। उन्होंने कहा था कि इस कानून के विरोध में लोग आ रहे हैं। इस वजह से कानून को लेकर जनमत संग्रह करवाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि ये जनमत संग्रह या तो संयुक्त राष्ट्र करे या फिर इसको अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से करवाया जाए। ममता के इस बयान का भाजपा ने जमकर विरोध किया था।

Google Image

जानें संयुक्त राष्ट्र ने दिया क्या जवाब

ममता के इस बयान पर संयुक्त राष्ट्र का जवाब आ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भारत में नागरिकता कानून पर जनमत संग्रह की मांग को ठुकरा दिया है।यूएन महासचिव एंटोनियो गुटारेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने शुक्रवार को कहा कि सिर्फ राष्ट्रीय सरकार के अनुरोध पर ही यूएन किसी भी मामले से जुड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे प्रदर्शनों पर यूएन की नजर है। लोगों को शांतिपूर्वक विरोध करना चाहिए।

दोस्तो आपको क्या लगता है संयुक्त राष्ट्र ने सही जवाब दिया है या नहीं, कमेंट में बताएं और न्यूज शेयर करें।



Post a comment