हैदराबाद मुठभेड़ पर तो बोलीं लेकिन मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड पर चुप क्यों रहीं थीं दिलमणी

दिलमणी मिश्रा बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष हैं. मुख्यमंत्री से उनके अच्छे रिश्ते हैं इसलिए वे इस पद पर हैं. महिलाओं के अधिकार पर कम ही बोलती हैं. बिहार में बलात्कार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन दिलमणी मिश्रा को उसकी चिंता नहीं है. जाहिर है कि महिला अपराध और बलात्कार पर बोलेंगी तो बात उनके मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी. सरकार कठघरे में खड़ी होगी. इसलिए सुपौल से लेकर कटिहार और समस्तीपुर व दरभंगा की दरिंदगी पर वे चुप रहती हैं. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 34 बच्चियों के साथ बलात्कार हुए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधे-सीधे आरोप लगा कि वे आरोपियों को बचा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कई-कई बार बिहार सरकार और नीतीश कुमार को न सिर्फ फटकार लगाई बल्कि केस को मुजफ्फरपुर से दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांस्फर कर दिया. लेकिन दिलमणी मिश्रा चुप रहीं. लेकिन उनकी चुप्पी हैदराबाद मुठभेड़ पर अचानक टूटी.

हैदराबाद पुलिस ने महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और फिर हत्या के चारों आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराने को दिलमणी मिश्रा ने खूब कसीदे पढ़े. बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा ने इस मुठभेड़ को सही ठहराया और कहा कि पुलिस ने ठीक किया है, दुष्कर्मियों को सीधे गोली मार देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह काम पहले ही होना चाहिए था. जो दोषी है, उसे सजा मिलनी ही चाहिए. मेरे सामने कई ऐसे मामले आते हैं कि मामले में दोषी पकड़ा जाता है और फिर छूट जाता है, उसके बाद वह पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बनाने लगता है कि केस वापस लो नहीं तो तुम्हें मार डालेंगे, तुम्हारे परिवार को खत्म कर देंगे. इस वजह से लड़कियां, महिलाएं डरी-सहमी रहती थीं.

लेकिन, हैदराबाद पुलिस ने जो दोषियों को सजा दी है यह काम पहले होना चाहिए था. आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मैं हैदराबाद पुलिस को धन्यवाद देना चाहती हूं. इस मुठभेड़ की घटना के बाद महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी, अपने ऊपर हुए अत्याचार के खिलाफ खुल कर अपनी बात रखेंगी. पुलिस ने एकदम ठीक किया है. लेकिन उनके इस बयान को संविधान और कानून के विरुद्ध माना जा रहा है. उनसे सवाल किया जा रहा है कि बिहार में बलात्कारियों को क्यों नहीं इसी तरह गोली मारने का वे आदेश क्यों नहीं देतीं. फिर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड पर उनकी चुप्पी पर भी अब सवाल उठ रहे हैं.

दिलमणि मिश्रा ने बक्सर के इटाढ़ी इलाके में हुई युवती की हत्या के मामले पर सिर्फ दुख प्रकट किया. हालांकि वे बक्सर तो गईं लेकिन महज खानापुरी ही रहा उनका दौरा. उनका कहना है कि हर रोज आयोग में महिला उत्पीड़न के मामले आते हैं. कई बार पुलिस का रवैया भी पीड़िता के लिए ठीक नहीं होता है, जिस कारण पीड़िता को आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. बक्सर के इटाढ़ी इलाके में सुनसान खेत से एक युवती का अधजला शव बरामद हुआ था. उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताई गई. उसे सिर में गोली मारी गई फिर उसे पेट्रोल छिड़क इस तरह शव को जलाया गया ताकि किसी को कोई साक्ष्य नहीं मिल सके. अबतक इस मामले में पुलिस शव की शिनाख्त भी नहीं कर सकी है. 

बक्सर में हुई घटना ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. खुद बिहार की पुलिस और महिलाओं के हक की रक्षा के लिए बना महिला आयोग भी इस बात को मान तो रहीं हैं लेकिन वे यह भी कहती हैं कि बिहार में कानून का राज है. बिहार में बहार है, क्योंकि नीतीशे कुमार हैं. बिहार में महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़, अपहरण, दहेज के लिए हत्या वप्रताड़ना के मामलों में वृद्धि देखी गई है.

पटना में हर रोज पांच से छह मामले किसी न किसी थाने या हेल्पलाइन में बलात्कार, छेड़छाड़ या अपहरण के दर्ज होते हैं. इस साल अब तक महिला उत्पीड़न के 433 मामले महिला हेल्पलाइन में दर्ज हैं जिसमे सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा के हैं जिनकी संख्या 268 है. दूसरे नंबर पर छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए है जो 95 है जबकि तीसरे नंबर पर दहेज उत्पीड़न के मामले हैं जिनकी संख्या 56 है यानी कि महिला घर के साथ-साथ बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं.

बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा है. कुशवाहा ने बिहार पुलिस पर भी तंज कसते हुए ट्वीट कर लिखा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमारजी, बक्सर, समस्तीपुर, गोपालगंज, नालंदा, पटना और न जाने कहां-कहां बिहार की बेटियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म, तेजाब कांड व इन्हें जिंदा जलना पड़ रहा है. अपनी ढ़ोंग यात्रा में इसे भी बताएं. आपकी पुलिस की तो बंदूकें भी नहीं चलतीं, अपराधियों से निपटने को कैसे कहूं. 

हैदराबाद की घटना के बाद बिहार के बक्सर और समस्तीपुर जिले में वैसी ही घटना को अंजाम दिया गया और दोनों जगहों पर दो युवतियों की अर्धजली लाश बरामद की गई. इन दोनों मामलों में भी दुष्कर्म की घटना के बाद हत्या और पेट्रोल छिड़ककर जला देने की बात कही जा रही है. पुलिस इन दोनों घटनाओं में अबतक शवों की शिनाख्त भी नहीं कर सकी है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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