पूर्व राष्ट्रपति आइजनहावर भारत के लोकतंत्र के अपने अधिकार का समर्थन करना चाहते थे : रिचर्ड वर्मा

वॉशिंगटन। भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा कि भारत की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर भारत के लोकतंत्र के अपने अधिकार का समर्थन करना चाहते थे। वर्मा ने कहा, ;; पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर को भारत से प्यार था और उनके दिल में देश के लिए खास जगह थी। आइजनहावर 1953 से 1961 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे। 1959 में भारत की यात्रा करने वाले वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वर्मा ने कहा कि आइजनहावर भारत के लोकतंत्र के अपने अधिकार का समर्थन करना चाहते थे।

वर्मा ने कहा, ;;भारत के संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद स्टाफ ने जो कुछ किया वह उससे खुश नहीं थे। वह नहीं चाहते थे कि भारत, पाकिस्तान जैसा बन जाए। पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की 60वीं वर्षगांठ पर बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

इस मौके पर दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने कहा कि भारतीय संसद को संबोधित करते हुए आइजनहावर ने कहा था कि अमेरिका की भलाई भारत की भलाई से जुड़ी है। वेल्स ने कहा कि निश्चित रूप से आज भी इतना ही सच है। मुझे लगता है कि लोकतंत्र के रूप में हमारी साझा विरासत है और हमें एक साथ काम करने की आवश्यकता है। -(एजेंसी)



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