अपने ही बयान से विपक्ष के निशाने पर आए नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही बयान से घिर गए हैं. विपक्ष अब उन पर सवाल उठा रहा है और पूछ रहा है कि झूठ कौन बोल रहा है, आप या गृह मंत्री अमित शाह. नरेंद्र मोदी और अमित शाह एक दूसरे के उलट बातें कह रहे हैं जिससे एनआरसी और संविधान संशोधन कानून की जटिलताओं पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं. सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को घेरा तो शाम होते-होते नरेंद्र मोदी खुद घिर गए. दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एनआरसी पर दिए बयान पर विपक्ष ने अब पलटवार किया है.

दरअसल मोदी ने कहा था कि इस विवादास्पद मुद्दे (एनआरसी) पर न तो उनकी सरकार ने, न ही कैबिनेट या संसद ने चर्चा की है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनआरसी अब तक सिर्फ असम में कराया गया है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एनआरसी के बारे में झूठ फैलाया जा रहा है मोदी के इस बयान पर कांग्रेस और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें कटघरे में खड़ा किया है और कहा कि वे अपने ही गृह मंत्री के बयान को गलत साबित कर रहे हैं, जिन्होंने तमाम फोरम, यहां तक कि संसद में भी एनआरसी के बारे में छाती ठोंक कर कहा था.

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बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनआरसी के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन पर सार्वजनिक रूप से गृहमंत्री के रुख से विपरीत बयान दिया है. बनर्जी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी पर उनकी और मोदी की टिप्पणियां सभी के सामने हैं और लोग तय करेंगे कि कौन सही है और कौन गलत. उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने जो कुछ कहा है, वह सभी के सामने है और आपने जो कुछ कहा है, वह भी सामने है. लोगों को इस पर फैसला करने दें. प्रधानमंत्री राष्ट्रव्यापी एनआरसी पर सार्वजनिक रूप से गृहमंत्री से भिन्न बयान दे रहे हैं, ऐसे में कौन भारत के मूल विचार को तोड़ रहा है. निश्चित ही लोग फैसला करेंगे कि कौन सही है कौन गलत.

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कांग्रेस ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर अनिश्चितता की स्थिति के लिए गृह मंत्री अमित शाह के बयानों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि एनआरसी व नागरिकता संशोधन कानून के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक बुलानी चाहिए. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में असुरक्षा और अनिश्चितता का वातावरण पैदा किया है. हमने संसद के अंदर सरकार को चेताया था कि आम सहमति बनाई जाए. हमने कहा था कि इसमें कई त्रुटियां और संविधान से इसका टकराव है. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दोनों सदनों में कहा कि वे पूरे देश मे एनआरसी ला रहे हैं. इससे यह स्थिति पैदा हुई. शर्मा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इसलिए इंतजार करना चाहिए. इसे लागू नहीं करना चहिए.

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कांग्रेस ने मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या उनके और गृह मंत्री मंत्री अमित शाह के बीच सामंजस्य नहीं है या फिर दोनों मिलकर देश को बेवकूफ बना रहे हैं. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि साहेब दिल्ली में बोलते हैं कि एनआरसी पर कोई डिस्कशन नहीं हुआ, पर 28 नवंबर को झारखंड चुनाव के घोषणापत्र में भाजपा एनआरसी लागू करने का वादा करती है.उन्होंने भाजपा से पूछा कि अब दो बातें बताएं- पहली कि क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में सामंजस्य नहीं, दूसरी बात यह कि क्या सत्ता और संगठन के बीच खट-पट है या दोनों मिल कर देश का बेवक़ूफ़ बना रहे हैं.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान का हवाला देते हुए सवाल किया कि जब एनआरसी पर कैबिनेट में कोई चर्चा नहीं हुई तो फिर गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने का बयान क्यों दे रहे हैं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे येचुरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को एनआरसी पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह का कानून लाना संविधान के खिलाफ है. माकपा नेता ने कहा कि मोदी भाषण दे रहे थे कि किसी की नागरिकता छीन नहीं रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि नागरिकता के साथ धर्म को क्यों जोड़ रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि जब एनआरसी पर कैबिनेट में चर्चा नहीं हुई तो फिर गृह मंत्री बार बार क्यों एनआरसी की बात कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि आप पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की बात कर रहे हैं, लेकिन अपने एक घंटे के भाषण में लोगों से जुड़े आम मुद्दों के बार कुछ नहीं कहा. किसान खुदकुशी कर रहा है, लोग महंगाई से जूझ रहे हैं और अर्थव्यवस्था डूब रही है. लेकिन इन समस्याओं का कोई जिक्र नहीं है. येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप बताएं कि लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कर रहे हैं.(राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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