प्रसिद्ध गणितज्ञ रामानुजन की जयंती पर आज मनाया जा रहा है राष्ट्रीय गणित दिवस

श्रीनिवास रामानुजन एक महान भारतीय गणितज्ञ थे. वे एक ऐसी प्रतिभा थे, जिन पर न केवल भारत को अपितु पूरे विश्व को गर्व था. मात्र 33 वर्ष की आयु में इन्होंने अपने अद्भुत और विलक्षण ज्ञान से गणित के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए.

रामानुजन ने बर्नोली नंबरों की जांच की. गणित के 120 सूत्र लिखे और अपने शोध को प्रोफ़ेसर जीएच हार्डी के पास भेजे. हार्डी ने उस शोध को पढ़ा और उन शोध पत्रों से वे अत्यधिक प्रभावित हुए और उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी आने का न्योता दिया. फिर अक्टूबर, 1918 में रामानुजन को ट्रिनिटी कॉलेज की सदस्यता प्रदान की गई. ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय थे.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने महान गणितज्ञ रामानुजन को याद करते हुए राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर गणितज्ञों, अध्यापकों और विद्यार्थियों को बधाई दी है.

उपराष्ट्रपति ने अपने ट्वीट संदेश में लिखा, ‘आज राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर गणितज्ञों, गणित अध्यापकों और विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और आह्वान करता हूं कि स्कूल स्तर पर गणित के पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को युवा छात्रों के लिए रोचक बनाएं.’



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