आग में जलते मजदूर का आखिरी फोन- मैं मरने वाला हूं, बच्चों और परिवार का ख्याल रखना

रौंगटे खड़े हो जाते हैं यह सुन कर. मौत उसके सामने खड़ी थी. आग के शोले उसे निगलने के लिए आगे बढ़ रहे थे. बचने के सभी रास्ते बंद हो चुके थे. वह अल्लाह को याद करता है और फिर घर फोन लगा कर अपने भाई से कहता है कि मैं मरने वाला हूं मेरे बच्चों और परिवर का ध्यान रखना. दिल्ली के रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी इलाके में स्थित चार मंजिला कारखाने में लगी आग से मरने वाले के भाई ने जब यह कहा था तो कितनों की आंखें नम हो गईं. अनाज मंडी में रविवार की सुबह भीषण आग लगने से 43 श्रमिकों की मौत हो गई. जिस समय कारखाने में आग लगी तब अधिकांश मजदूर वहां सो रहे थे. आग की लपटों में घिरे यूपी के एक 30 साल के कर्मचारी ने अपने भाई को आखिरी कॉल किया.

यूपी के बिजनौर जिले के रहने वाले मुशर्रफ अली नाम के इस शख्स ने फोन पर कहा कि मैं मरने वाला हूं, घर का और बच्चों का खयाल रखना. मुशर्रफ यहां चार साल से काम कर रहे थे, उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है. मुशर्रफ का परिवार बिजनौर में रहता है. हादसे में मुशर्रफ ने भी जान गंवा दी. मुशर्रफ ने फोन पर अपने भाई से कहा कि मैं मरने वाला हूं भाई. हर जगह आग लगी हुई है. भाई, कल दिल्ली आओ और मुझे ले जाओ. हर जगह आग है और बचने का कोई रास्ता नहीं है. मैं आज जिंदा नहीं बचूंगा. भाई कृपया मेरे परिवार का ख्याल रखना. मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं...बस आकर मुझे ले जाओ...परिवार को संभालना. मुशर्रफ ने कहा कि वह मौत की खबर को घर के बड़ों को दे दे.

जब मुशर्रफ के भाई ने उसे खुद को बचाने की कोशिश करने के लिए कहा, तो उसने कहा कि अब कोई रास्ता नहीं बचा है. सांस भी नहीं लिया जा रहा है. आग चारों तरफ से फैल रही है. मैं मरने वाला हूं भाई, बस तीन-चार मिनट बाकी हैं. यह सब अल्लाह की मर्जी है. दिल्ली पुलिस ने इस बीच कारखाने के मालिक मोहम्मद रेहान को गिरफ्तार कर लिया है. रेहान के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 (गैरइरादन हत्या) का मामला दर्ज किया गया है.

तड़के आग लगने के बाद फरार मोहम्मद रेहान को शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया. उससे पूछताछ की जा रही है. रेहान के भाई को पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले लिया था. इस हादसे में मरने वालों में से 29 शवों की पहचान अब तक हुई है. मारे गए 14 मजदूरों की पहचान होना बाकी है. फैक्ट्री मालिक रेहान के अलावा फैक्ट्री के मैनेजर फुरकान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. डीसीपी नार्थ मोनिका भारद्वाज ने बताया कि रेहान के भाइयों से भी पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी हिरासत में लिए गए हैं.

इस अग्निकांड के पीछे लापरवाही उजागर हुई है. बताया जाता है कि इन निर्माण इकाइयों के पास दमकल विभाग का एनओसी नहीं था. आसपास दमकल के वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी जिससे बचाव अभियान में दिक्कत हुई. दमकल कर्मी खिड़कियां काटकर भवन में दाखिल हुए. फैक्ट्री में रविवार की सुबह भीषण आग लगी. अग्निशमन सेवा के अधिकारियों को आग लगने की जानकारी सुबह पांच बजकर 22 मिनट पर दी गई. इसके बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. करीब डेढ़ सौ दमकल कर्मियों ने बचाव अभियान चलाया और 63 लोगों को आग से घिरे भवन से बाहर निकाला. शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है. दो दमकल कर्मी भी बचाव कार्य के दौरान घायल हो गए हैं.

इस अग्निकांड के पीछे लापरवाही उजागर हुई है. आसपास दमकल के वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी जिससे बचाव अभियान में दिक्कत हुई. दमकल कर्मी खिड़कियां काटकर भवन में दाखिल हुए. जब आग लगी तब कई मजदूर गहरी नींद में थे. भवन में हवा के आने-जाने की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी. इसके परिणाम स्वरूप कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. उपहार सिनेमा में लगी आग के बाद दिल्ली में लगी यह दूसरी सबसे बड़ी आग है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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