जमीयत ने अमित शाह को चेताया, कानून वापस लें नहीं तो हवाई अड्डे से बाहर नहीं आने देंगे

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सियासी दलों व सामाजिक संगठनों का विरोध जारी है. प्रदर्शन भी हो रहा है और सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया जा रहा है. खबरें बन रहीं हैं और उन खबरों में न तो मेवात का शांतिपूर्ण प्रदर्शन दिखाया जाता है और न ही पूर्णिया या दूसरे शहरों का जहां हिंसा की छोटी सी घटना भी नहीं हुई लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर चैनलों पर प्रदर्शनों को हिंसक बताया जा रहा है और दिखाया जा रहा है. जामिया से लेकर लखनऊ तक हिंसा हुई और पुलिस की भूमिका पर सवाल भी उठे. चैनलों ने इन खबरों को खूब बजाया और नरेंद्र मोदी ने तो झारखंड की चुनावी सभा में यहां तक कहा कि चैनलों पर आप देख रहे होंगे कि हिंसा करने वालों ने किस तरह के कपड़े पहन रखे हैं.

जाहिर है कि वह क्या कहना चाह रहे थे, यह किसी से छुपा नहीं है. लेकिन शांतिपूर्ण और बड़े प्रदर्शनों को चैनलों ने दिखाया तक नहीं. इस कानून के खिलाफ बिहार बंद हुआ और अद्भुत हुआ. पहले वामपंथी दलों ने बंद बुलाया फिर महागठबंधन के साथियों के मदद से राजद ने बंद बुलाया. मीडिया ने अजब-गजब सवाल पूछे. हालांकि बंद के दौरान हिंसा की कुछ घटनाएं हुईं, जो नहीं होना चाहिए थी. किसने हिंसा की और कौन लोग इसमें शामिल थे, इसकी शिनाख्त जरूरी है.

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विरोध की आवाजों के बीच ही बंगाल के मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष सिद्दिकउल्ला चौधरी ने धमकी दी कि अगर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को फौरन वापस नहीं लिया गया तो जब भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां के दौरे पर आएंगे तब उन्हें हवाई अड्डे से बाहर कदम नहीं रखने दिया जाएगा. चौधरी ने कहा कि यह विवादित कानून मानवता और देश में सालों से रह रहे नागरिकों के खिलाफ है. सीएए के विरोध में जमीयत-ए-हिंद की रैली में उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हमलोग शाह को शहर के हवाईअड्डे के बाहर कदम नहीं रखने देंगे. उन्हें रोकने के लिए हमलोग एक लाख लोग को वहां जमा कर सकते हैं. राज्य के पुस्तकालय सेवा मंत्री ने दावा किया कि संगठन का प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा.

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उन्होंने कहा कि हमलोग हिंसक प्रदर्शनों में यकीन नहीं करते हैं लेकिन निश्चित रूप से हमलोग सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का जी जान से विरोध करेंगे. मंत्री ने कहा कि भाजपा को लोगों ने पहले ही नकार दिया है. उन्होंने कहा कि कोलकाता समेत देश भर में हो रहे प्रदर्शनों को देखें. चौधरी ने रानी रासमोनी एवेन्यू में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 56 इंच के सीने ने देश के लोगों को निराश किया है क्योंकि वह नफरत और विभाजन की राजनीति कर रहे हैं. रैली में वक्ताओं ने सीएए और एनआरसी के विरोध में सड़कों पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा किया.

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शन मेंउत्तर प्रदेश में अब तक पंद्रह लोग मारे गए हैं. रामपुर में हिंसा पथराव और आगज़नी हुई है. यूपी के आईजी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि रामपुर में एक शख़्स की मौत हुई है. प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और जमकर पथराव हुआ. कानपुर में फिर भीड़ ने हिंसा की. बेगमगंज में लोगों ने पुलिस चौकी को फूंक दिया. मुज़फ्फरनगर में भी हालात बिगड़े, यहां दो सौ लोगों पर केस दर्ज किया गया है औरपचास दुकानें सील की गई हैं. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए बवाल के मामले में 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जबकि 124 एफआईआर दर्ज हुई हैं.

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बिहार में नागरिकता कानून के राजदने रालोसपा, कांग्रेस, वीआईपी और हम के सहयोग से बंद बुलायाथा.पटना में राजद व महागठबंधन की रैली में हज़ारों लोग पहुंचे. दूसरी तरफ, दिल्ली में जामिया से लेकर राजघाट तक प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा. दिल्ली के दरियागंज इलाक़े में हुए हंगामे के पंद्रहआरोपियों को तीस हज़ारी कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दियाहै. जबकि शीलमपुर में हुई हिंसा के आरोपियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

इस दौरान भीम आर्मी के लोगों ने कोर्ट के बाहर नारेबाज़ी की. कल दिल्ली गेट में लाठीचार्ज हुआ था जिसके बाद कई नाबालिगों को भी हिरासत मे लिया था.कुल 55 लोग जगह जगह हुई हिंसा में गिरफ्तार किए जा चुके हैं.(राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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