पहली ही कैबिनेट बैठक में हेमंत सोरेन ने लिए तीन दमदार फैसले, दूसरा निर्णय तो सबसे खास

झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन आखिरकार राज्य के 11वें सीएम बन ही गए। उन्होंने रविवार को सीएम पद की शपथ ली। उनके साथ ही तीन और विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ समारोहे में अलग अलग राज्यों से बड़े-बड़े नेताओं का जमावड़ा रहा। इनमें राहुल गांधी से लेकर ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव भी दिखे। सीएम बनते ही हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक बुला ली। पहली ही बैठक में उन्होंने तीन धमाकेदार फैसले ले लिए हैं। इनमें दूसरा फैसला सबसे दमदार है।

फैसला नंबर 1

हेमंत सोरेन की सरकार ने पहली ही बैठक में जो बड़े फैसले लिए हैं उनमें पहला फैसला बेहद खास है। उन्होंने झारखंड की परंपरा को सहेजने की पहल की है। हेमंत सरकार ने फैसला लिया है कि झारखंड का प्रतीक चिह्न बदला जाएगा। झारखंड की परंपरा और संस्कृति के अनुरूप प्रतीक चिह्न होगा।

फैसला नंबर 2

पहली कैबिनेट बैठक में हेमंत सोरेन ने दूसरा फैसला सबसे दमदार लिया है। दूसरे फैसले के तहत उन्होंने महिला अपराधों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखाई है। सीएम ने फैसला लिया है कि महिलाओं के शोषण से जुड़े जितने भी मामले राज्य में हैं, उन सबकी सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

फैसला नंबर 3

हेमंत सोरेन ने सीएम बनते ही जो तीसरा बड़ा फैसला लिया है वो कर्मचारियों से जुड़ा है। इस बड़े फैसले की कर्मचारी राह ताक रहे थे। कैबिनेट के तीसरे फैसले में अनुबंध कर्मी, आंगनबाड़ी, रसोई और पारा शिक्षकों के लंबित वेतनमान और भुगतान के लिए भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदेश दे दिया है।

दोस्तो आपको क्या लगता है हेमंत सोरेन कैसे सीएम साबित होंगे, कमेंट में बताएं और न्यूज शेयर करें। हर अपडेट के लिए आप मुझे फॉलो जरूर करें। धन्यवाद।।

(न्यूज सोर्स- aajtak.indiatoday.in)



Post a Comment