जेल से बाहर आने के बाद चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आखिरकार 106 दिनों के बाद जेल से जमानत मिल ही गई. जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कई शर्तें तो रखीं हैं लेकिन कुछ ऐसी बातें भी कहीं हैं जो सरकार को असहज कर सकती हैं. पी चिंदबरम ने जेल से छूटने के बाद प्रेस कांफ्रेंस की. प्रेस कांफ्रेंस कांग्रेस मुख्यालय में हुई. चिदबंरम ने जेल से मिली आजादी का उल्लेख करते हुए जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त से जारी पाबंदियों का जिक्र किया. सियासी दलों के नेताओं की नजरबंदी का सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट को जमानत देने के दौरान जिन बिंदुओं को कोर्ट ने तवज्जो दी और उसका उल्लेख किया है, चिदंबरम ने उसका जिक्र किया.

चिदंबरम ने गिरती अर्थव्यवस्था पर सरकार पर को घेरा और जम कर हमले किए. उन्होंने कहा कि जीडीपी लगातार घट रही है. आठ से सात, 7 से 6.6, 6.6 से 5.8, 5.8 से पांच और पांच से गिरकर जीडीपी 4.5 पर आ गई है. यह सरकार के अच्छे दिन हैं. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हम सौभाग्यशाली होंगे कि अगर साल के अंत तक जीडीपी पांच फीसद को छू ले.

चिदंबरम ने कहा कि याद कीजिए डॉक्टर अरविंद सुब्रमण्मय ने इस सरकार के अंतर्गत विकास दर पांच फीसद तक हो जाने को लेकर चेताया था. लेकिन जिस तरीके से इसे दिखाया जा रहा है उसमें संदेह है. वास्तव में यह पांच फीसद नहीं है बल्कि इसमें और 1.5 फीसद की कमी का अनुमान है. चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था को लेकर खामोश हैं. उन्होंने इस मामले पर झांसा देने के लिए इसे अपने मंत्रियों पर छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि अगर बीमारी की पहचान नहीं होगी तो इलाज भी गलत होगा. सही इलाज के लिए मर्ज की जानकारी होना बेहद जरूरी है.

चिदंबरम ने वर्तमान सरकार और पूर्व में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के बीच तुलना करते हुए कहा कि 2004 और 2014 के बीच यूपीए ने 14 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला. जबकि एनडीए ने 2016 तक लाखों लोगों को गरीबी रेखा के नीचे धकेल दिया है. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर लाया जा सकता है, लेकिन यह सरकार ऐसा करने में असमर्थ है. मेरा मानना है कि कांग्रेस और कुछ दूसरे दल अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकालने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर हैं, लेकिन हमें बेहतर समय की प्रतीक्षा करनी होगी.

इससे पहले चिदंबरम संसद गए. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार संसद में मेरी आवाज को दबा नहीं सकती है. वे प्याज की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस सांसदों के विरोध में भी शामिल हुए. चिदंबरम ने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने का आदेश दिया. मैंने 106 दिनों के बाद आजादी की सांस ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चिदंबरम अदालत की अनुमति के बिना यात्रा नहीं कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर पूछताछ के लिए उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा. इसके अलावा उनके इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने, साक्षात्कार देने या गवाहों से संपर्क करने पर भी पाबंदी लगा दी है. अदालत ने यह देखते हुए कि आर्थिक अपराध प्रकृति में गंभीर हैं, यह भी कहा कि जमानत देना नियम है और इसके लिए इनकार करना अपवाद है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



Post a Comment