अब तक इन नेताओं का AAP से टूटा भरोसा, प्रशांत भूषण से आदर्श शास्त्री तक

 
नई दिल्ली 

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है. इस बीच नेताओं का दल बदलने का सिलसिला भी देखा जा रहा है. वहीं दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ ही पार्टी नेताओं की ओर से छोड़ा जा रहा है. अब आदर्श शास्त्री ने चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस का हाथ थाम लिया है.

पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पोते और दिल्ली विधानसभा की द्वारका सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक आदर्श शास्त्री ने अरविंद केजरीवाल को झटका देते हुए चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया. हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है जब किसी नेता ने आम आदमी पार्टी का साथ यूं छोड़ा हो. आम आदमी पार्टी में उन नेताओं की लिस्ट काफी लंबी है जो अब आम आदमी पार्टी का हिस्सा नहीं रहे हैं.
 
26 नवंबर 2012 को अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी को जितने साल लॉन्च हुए नहीं हुए, उससे ज्यादा पार्टी नेता AAP से अब तक अलग हो चुके हैं. कुछ नेताओं को पार्टी से निकाला गया तो कुछ ने खुद इस्तीफा दे दिया. नेताओं का आम आदमी पार्टी से किनारा करने के पीछे अलग-अलग कारण रहा है. वहीं कुछ ने पार्टी से अलग होते हुए अरविंद केजरीवाल के रवैये का भी हवाला दिया.

कौन-कौन हुए अलग?
आम आदमी पार्टी से अलग हुए नेताओं में प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, कुमार विश्वास, आनंद कुमार, अजीत झा, आशुतोष, आशीष खेतान, शाजिया इल्मी, कपिल मिश्रा, मुनीश रायजादा, राजमोहन गांधी, अलका लांबा, मयंक गांधी, अंजली दमानिया, जीआर गोपीनाथ, अशोक चौहान, गुरप्रीत सिंह समेत कई छोटे-बड़े नेताओं के अलावा कुछ पूर्व आईएएस और आईपीएस भी रहे हैं. वहीं अब ताजा मामले में आदर्श शास्त्री भी पार्टी का दामन छोड़ चुके हैं.

पार्टी ने किया बाहर
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में जीत हासिल करने के बाद AAP ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों और घोर अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया था. इनके साथ ही आनंद कुमार और अजीत झा को भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए जाने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया था. भूषण पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को हराने के लिए काम करने का आरोप लगा था. प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव AAP के संस्थापक सदस्य के तौर पर देखे जाते थे.

खुद छोड़ी पार्टी
पत्रकारिता से राजनीति में आए आशुतोष ने अगस्त 2018 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. पार्टी छोड़ने की वजह आशुतोष ने निजी बताई थी. हालांकि माना जा रहा था कि उस साल राज्यसभा नहीं भेजे जाने से वो निराश थे. वहीं सुशील गुप्ता, एनडी गुप्ता और संजय सिंह को राज्यसभा भेजे जाने से कुमार विश्वास भी नाराज थे. इसी नाराजगी के चलते वो भी पार्टी से अलग हो गए. पत्रकार से नेता बने आशीष खेतान ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ दी थी.

अब दूसरी पार्टियों में शामिल
अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कपिल मिश्रा को पार्टी ने बाहर निकाल दिया था. कपिल मिश्रा अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. वहीं कांग्रेस छोड़ AAP से जुड़ी अलका लांबा एक बार फिर कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं. इसके अलावा शाजिया इल्मी बीजेपी का दाम थाम चुकी हैं.



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