पंजाब पुलिस ने की पाक की बड़ी साजिश नाकाम

चंडीगढ़
पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर जीपीएस आधारित ड्रोन की मदद से मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी करने के आरोप में सेना के एक नायक सहित तीन अरेस्ट हुए हैं। पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास दो चीन निर्मित ड्रोन, 12 ड्रोन की बैटरी, विदेश निर्मित ड्रोन के कंटेंनर, इंसास राइफल की कारतूस, दो वाकी-टॉकी के सेट और भारी मात्रा में ड्रग्स समेत छह लाख 22 हजार रुपये नकद राशि बरामद की गई है।

डीजीपी दिनकर ने बताया, 'हमने एक मॉड्यूल का खुलासा किया है जो सीमा पार से पंजाब में ड्रोन भेज रहा था। इस बात की आशंका है कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों का जखीरा भारत भेजा जा रहा था। इस मामले में हम 3 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं।' डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब्त किए गए ड्रोन की तस्वीर भी दिखाई।

सेना का नायक भी साजिश में शामिल
डीजीपी ने बताया, 'हमने दो ड्रोन जब्त किए हैं जिनमें से एक अमृतसर के एक गांव से और दूसरा करनाल से बरामद किया गया है। हम एक और शख्स की तलाश कर रहे हैं।' पुलिस महानिदेशक गुप्ता ने बताया कि जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सेना में नायक पद पर कार्यरत राहुल चौहान नामक शख्स भी शामिल है। उन्होंने कहा, 'ड्रोन के अलावा हमने 2 कम्यूनिकेशन सेट और 6 लाख 22 हजार रुपये की नकद राशि जब्त की है।' उन्होंने कहा है कि ऐसी आशंका है कि नकद राशि तस्करी कर लाए गए मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त की गई है।'

पंजाब भेजा गया हथियार के साथ ड्रग्स
गुप्ता ने बताया, ‘अब हमें मॉड्यूल का पता चला है जिसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये ड्रोन को भारत से सीमापार (पाकिस्तान) भेजते थे और वहां से मादक पदार्थ देश में लाते थे।’ उन्होंने बताया कि आशंका है कि वे मादक पदार्थ के साथ पिस्तौल जैसे छोटे हथियारों की तस्करी भी ड्रोन के जरिये सीमा पार से करते थे। तस्करों से दो ड्रोन बरामद करने की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहला ड्रोन अमृतसर ग्रामीण के मोधे गांव में खाली पड़ी सरकारी डिस्पेंसरी से जब्त किया गया। दूसरा ड्रोन राहुल के दोस्त के हरियाणा के करनाल स्थित घर से बरामद किया गया।

जीपीएस लैस ड्रोन बरामद
डीजीपी ने बताया कि दोनों ड्रोन जीपीएस से लैस हैं और इनका इस्तेमाल हाथियार गिराने, हथगोला फेंकने, सेटेलाइट फोन और नकली मुद्रा भारत में लाने के लिए किया जा सकता है। मॉड्यूल में राहुल की भूमिका की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वह न केवल ड्रोन को खरीदने और आपूर्ति करने में शामिल था बल्कि वह इनका इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण भी देता था। वह अंबाला छावनी का रहने वाला है। गुप्ता के मुताबिक गिरफ्तार दो अन्य लोगों की पहचान अमृतसर के धनोआ कुर्द गांव के रहने वाले धर्मिंदर सिंह और अमृतसर जिले के ही सारा अमानत खान निवासी बालकर सिंह के तौर पर की गई है। उन्होंने बताया कि धर्मिंदर को भारत-पाकिस्तान सीमा से तीन किलोमीटर दूर हरदो रत्तन गांव से गिरफ्तार किया गया।



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