राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का शुभारंभ

गुरु घासीदास ने समतामूलक समाज का राह दिखाया, बाबा जी के संदेश को आत्मसात कर अपने जीवन को सार्थक बनाये -मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम
दुर्ग, राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का आज भिलाई 3 स्थित मंगल भवन में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह ने शुभारंभ करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने मनखे मनखे एक समान का संदेश देकर समता मूलक समाज का संदेश दिया है। बाबा जी ने सत्य अहिंसा का संदेश देकर सभी जीवों के प्रति प्रेम करुणा का उपदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती में अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया है। इनमे गुरु घासीदास सर्वोपरि है जिन्होंने समूचे समाज को एक सूत्र में बांधने और ऊंच नीच के भेद को मिटाने का संदेश दिया। मंत्री श्री टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  बाबा जी के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के माध्यम से  काम कर रही है। सरकार राज्य की कला संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। अनुसूचित जाति जनजाति के लोोो हितों के संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इन वर्ग के युवाओं और विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करा रही है जिससे इनका सही विकास हो सके। मंत्री श्री टेकाम ने लोगो को आहवान करते हुए कहा कि सभी बाबा जी के संदेश को आत्मसात कर अपने जीवन में उतारकर अपना जीवन सिद्ध करे। डोंगरगढ़ विधायक श्री भुवनेश्वर सिंह बघेल ने कहा कि पंथी नृत्य के माध्यम से गुरु घासीदास के संदेश को सुनने और देखने का मौका मिलता है। इस प्रकार का आयोजन होने से हमे अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं को  देखने समझने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अंकित आनंद ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव के माध्यम से पंथी के बारीकियों को समझने का मौका मिलेगा। जिला प्रशासन इसे बेहतर ढंग से आयोजन करने संकल्पित है।
गौरतलब है कि 2 दिवसीय राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का आज शुभारंभ हुआ।  महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये 30 पंथी नर्तक दलों के बीच प्रतियोगिता होगी। समापन दिवस पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 17 जनवरी को पुरस्कृत करेगें। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन  द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।इसके पूर्व राज्य सरकार द्वारा राज्य की संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से आदिवासी महोत्सव  युवा महोत्सव का आयोजन रायपुर में कर चुके है।
पंथी नृत्य दलों की गति देख चकित रह गए दर्शक -प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर विभिन्न पंथी दलों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया उनकी गति और नृत्य के हुनर को देखकर दर्शक मुग्ध हो गए। देर तक मंत्रमुग्ध दर्शक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की इस अनमोल विधा को देखते रहे और नृतक दलों की हौसला अफजाई करते रहे। दर्शकों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को आगे लाने के लिए आयोजित गुरू घासीदास लोककला महोत्सव के आयोजन के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा।

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