जी से डिजिटल प्लेटफार्म अपना रहा राजस्व विभाग, निकट भविष्य में मोबाइल में भूमिस्वामी को मिल सकेंगे सारे अपडेट

- समीक्षा बैठक में राजस्व सचिव श्री सुबोध सिंह ने दिए अधिकारियों को अधिकाधिक कार्यों को डिजिटल प्लेटफार्म में लाने दिए निर्देश
- कलेक्टर ने सभी खसराधारकों के मोबाइल नंबर अद्यतन करने अधिकारियों को दिए निर्देश
दुर्ग, लोगों के काम सरलतापूर्वक और शीघ्रताशीघ्र निपटें, इसके लिए राजस्व विभाग डिजिटल मोड का अधिकाधिक उपयोग करेगा। इसके लिए डिजिटल माध्यम में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सर्वोच्च प्राथमिकता में से राजस्व विभाग के माध्यम से लोगों को मिल रही सुविधा है। यह सहजता से मिल सकें, इसके लिए अनेक सुधार सिस्टम में किए गए हैं। सिस्टम को डिजिटल बनाया जा रहा है तथा जवाबदेही बढ़ाई गई है। इसके लिए सिस्टम को स्ट्रीमलाइन किया गया है। बीते महीनों में अनेक सर्कुलर इस संबंध में निकाले गए हैं। आप सभी को सभी मानदंडों में खरे उतरना है ताकि आम जनता के सरोकारों से सीधा जुड़े इस विभाग के कार्यों से लोग पूरी तरह संतुष्ट हो सकें। यह बात राजस्व सचिव श्री सुबोध सिंह ने आज दुर्ग जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कही । उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यों को डिजिटल प्लेटफार्म में अधिकाधिक लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में भूमिस्वामी के मोबाइल फोन में उसके भूमि उपयोग से संबंधित किसी भी तरह की अपडेट तुरंत मिल जाएगी। चाहे खसरा परिवर्तित होने की सूचना हो अथवा विक्रय की सूचना हो अथवा लगान की सूचना हो। जिस तरह बिजली बिल पटाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया जा सकता है उसी तरह अर्थदंड अथवा लगान पटाने के लिए भी डिजिटल माध्यम का उपयोग कर पाएंगे। कलेक्टर श्री अंकित आनंद ने जिले में ई-कोर्ट में चल रहे आवेदन की वस्तुस्थिति की जानकारी दी। राजस्व सचिव ने कहा कि ई-कोर्ट से अनेक लाभ हो रहे हैं। पक्षकार को सूचना मिल जाती है। सूचनाओं का जल्द स्थानांतरण हो जाता है। राजस्व सचिव ने कहा कि डिजिटल सिस्टम होने से बहुत सारे रजिस्टर मेंटेन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आवेदनों के निराकरण की समयसीमा के भीतर की स्थिति की जानकारी भी मिलती रहेगी। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी खसराधारकों के मोबाइल नंबर अद्यतन किये जाएं ताकि सभी डिजिटल प्लेटफार्म में मिल रही सुविधाओं का लाभ उठा सकें और उनके पास त्वरित सूचनाएं मिल जाएं।
राजस्व सचिव ने कहा कि आधार में कहीं-कहीं नाम की त्रुटि है जिसकी वजह से कुछ किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि की तीसरी किश्त नहीं मिल पाई है। इसे दुरूस्त करा लें। साथ ही अधिकाधिक किसानों को इस योजना से जोड़ें ताकि छोटे और सीमांत किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी जोत को बेहतर करने कुछ निवेश कर सकें। कलेक्टर श्री आनंद ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए और दैनिक प्रगति की रिपोर्ट देने कहा। राजस्व सचिव ने किसानों के लिए मानधन योजना की प्रगति की समीक्षा भी की। कलेक्टर ने बताया कि इसके लिए अब तक जिले में दस हजार से अधिक किसानों ने आवेदन जमा कर दिये हैं। सीएससी में इसके लिए लगातार आवेदन आ रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस योजना में मामूली प्रीमियम राशि जमाकर किसान 3000 रुपए मासिक पेंशन प्राप्त कर सकेंगे। पेंशनभोगी के नहीं रहने पर उसके पति अथवा पत्नी को पेंशन राशि का पचास फीसदी प्राप्त करने का हक होगा। राजस्व सचिव ने जिले में पट्टा वितरण और इससे संबंधित अन्य कार्रवाईयों की समीक्षा भी की। श्री सिंह ने सीमांकन, नामांतरण एवं अन्य मामलों की वस्तुस्थिति की समीक्षा भी की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री गजेंद्र ठाकुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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