‘इंदिरा गांधी ही नहीं, करीम लाला से मिलते रहते थे बाल ठाकरे, राजीव गांधी और शरद पवार’

 
मुंबई

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात को लेकर माफिया डॉन करीम लाला के पोते सलीम खान ने कहा है कि उनके दादा से बाल ठाकरे, शरद पवार और राजीव गांधी जैसे राजनीतिक दिग्गज हमेशा मिलते रहते थे। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। लाला के पोते का बयान शिवसेना सांसद के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी के डॉन से मिलने की बात कही थी। इस बयान को लेकर मचे सियासी घमासान के बाद राउत ने अपनी सफाई भी पेश की थी।
 राउत ने कहा था कि वह इंदिरा गांधी और नेहरू की हमेशा से इज्जत करते आए हैं। उन्होंने आगे कहा था कि करीम लाला से कई नेताओं की मुलाकात होती थी। गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए अब्दुल करीम शेर खान उर्फ करीम लाला के पोते सलीम खान ने कहा कि केवल इंदिरा गांधी ही नहीं, बल्कि बाल ठाकरे, शरद पवार और राजीव गांधी जैसे दिग्गज भी उनके दादा से मुंबई और दिल्ली में मिलते रहते थे।

'फ्रंटियर गांधी के करीबी थे लाला'
सलीम ने कहा, 'यह कहना तो गलत है कि इंदिरा गांधी मेरे दादा से मिलने पाइधोनी (दक्षिण मुंबई) आई थीं, लेकिन यह सभी जानते हैं कि उनकी दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इसकी तस्वीरें मौजूद हैं।' उन्होंने कहा कि करीम लाला तत्कालीन नार्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (आज पाकिस्तान का खैबर-पख्तूनख्वा) के मुंबई और अन्य जगहों के पठानों के नेता थे और फ्रंटियर गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान के करीबी थे। जब कभी समुदाय के लोगों को परेशानी होती तो वे नेताओं की मदद से इसका हल निकालने की कोशिश करते।

देवेंद्र फडणवीस के आरोप को नकारा
सलीम ने बीजेपी नेता देंवेद्र फडणवीस के इस बयान को गलत बताया कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए अंडरवर्ल्ड की मदद लेती थी या पैसे लेती थी। उन्होंने कहा, 'मेरे दादा एक व्यापारी थे। उनके दिल में पठान समुदाय के सरोकार थे। वह कभी भी राजनीति के लिए इच्छुक नहीं थे। उनके पास इतना था ही नहीं कि वह किसी नेता या पार्टी को धन देते। उन्होंने आगे कहा कि संजय राउत के बयान को पूरी तरह से तोड़ मरोड़ दिया गया है।

अंडरवर्ल्ड छोड़कर राजनीति में शामिल होने वाले हाजी मस्तान के गोद लिए पुत्र सुंदर शेखर ने भी कहा कि हाजी मस्तान की राजनेताओं और फिल्मी सितारों में बहुत मांग थी। शेखर ने कहा, 'उन्होंने (हाजी मस्तान ने) एक राजनीतिक दल का गठन किया था जिसे आज भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महासंघ कहा जाता है। मैं अभी इसका अध्यक्ष हूं। रामदास अठावले (इस वक्त केंद्र में मंत्री) और दलित नेता जोगेंद्र कवाडे हमारे घर हमेशा आते रहते थे।'

'बाल ठाकरे के दोस्त थे हाजी मस्तान'
शेखर ने कहा कि अठवाले तब बेहद गरीब, सामान्य लड़के हुआ करते थे। कई बार भूखे रहते थे। काम की तलाश में रहते थे और रहमदिल हाजी मस्तान उनकी और उनके जैसे अन्य युवाओं की मदद किया करते थे। शेखर ने कहा, 'हाजी मस्तान और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे दोस्त थे। जूहू के बागुर होटल में दोनों फुर्सत के पल साथ बिताते थे। यह होटल दोनों को बहुत पंसद था।' उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे के अलावा, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, वसंतदादा पाटील, मुरली देवड़ा नियमित रूप से हाजी मस्तान से मिलते रहते थे।

शेखर ने भी यह बात स्वीकारी कि शिवसेना नेता संजय राउत के बयान को तोड़ मरोड़कर विपक्ष ने पेश किया है। उन्होंने कहा कि साल 1970-80 का दशक अलग तरह का था, आज जैसा नहीं था। तब लोग बहुत मानवीय हुआ करते थे। एक-दूसरे की मदद करते थे। करीम लाला के एक और रिश्तेदार जहानजेब खान ने कहा कि यहां तक कि ज्ञानी जैल सिंह ने करीम लाला से मुलाकात की थी। लेकिन, इसकी वजह खान अब्दुल गफ्फार खान के युग के नेताओं की आपसी घनिष्ठता थी। लोग आज करीम लाला को माफिया डॉन कहते हैं, लेकिन एक भी केस या उन्हें सजा मिली हो, ऐसा कुछ भी उनके खिलाफ कोई दिखा नहीं सकता।
 



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