आज भारत बंद: बैंकों में काम रहेगा ठप और कैश की होगी किल्लत

 
नई दिल्ली

आज भारत बंद है। 10 ट्रेड यूनियंस की तरफ से भारत बंद का आयोजन किया है जिसे अन्य कई संगठनों का भी समर्थन हासिल है। 6 बैंक यूनियंस ने भी हड़ताल का समर्थन किया है, जिसके कारण बैंकिंग कामकाज पर असर होगा। बैंक बंद रहने का असर एटीएम सर्विस पर होगा। इसलिए आज और कल कैश की किल्लत हो सकती है। ट्रेड यूनियंस की तरफ से संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस हड़ताल में करीब 25 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। भारत बंद से जुड़े इन प्रमुख बातों को जानना जरूरी है।
1. ये 10 ट्रेड यूनियन हड़ताल में शामिल
INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC और कई अन्य सेक्टोरल इंडिपेंडेंट फेडरेशन और असोसिएशन्स हड़ताल में शामिल हैं।

2. हड़ताल को और किसका समर्थन?
इसके अलावा, 60 स्टूडेंट यूनियन, यूनिवर्सिटीज के अधिकारियों ने भी हड़ताल का हिस्सा बनने का ऐलान किया है। ये शिक्षा संस्थानों में फीस बढ़ोतरी और शिक्षा के कमर्शलाइजेशन का विरोध करेंगे।

3. कौन-कौन बैंक यूनियन शामिल?
6 बैंक यूनियंस- ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी असोसिएशन (AIBEA),ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स असोसिएशन (AIBOA), BEFI, INBEF, INBOC और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ (BKSM) कह चुका है कि वे हड़ताल का समर्थन करेंगे। जो बैंक यूनियन समर्थन कर रहे हैं, उनके समर्थित बैंक आज बंद रहेंगे। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने हालांकि कहा है कि उसे उम्मीद है कि एसबीआई पर इस बंद का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि बैंक के बहुत कम कर्मचारी ऐसे हैं, जो हड़ताल करने वाले यूनियन का हिस्सा हैं।

4. एटीएम पर क्या होगा असर?
बैंकों के कामकाज पर असर होगा और ज्यादातर बैंक बंद रहेंगे तो कैश का डिस्ट्रीब्यूशन नहीं हो पाएगा, जिसके कारण एटीएम में कैश की किल्लत हो सकती है। कैश किल्लत की समस्या 9 जनवरी को भी बनी रह सकती है।

5. बैंक में क्या-क्या काम नहीं होंगे?
बैंक से कैश निकासी और डिपॉजिट संभव नहीं होगा, इसके अलावा चेक क्लियरिंग का काम भी नहीं होगा। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग के कामकाज पर किसी तरह का असर नहीं होगा। कई बैंक शेयर बाजार को जानकारी दे चुके हैं कि वे 8 जनवरी को बंद रहेंगे।

6. प्राइवेट बैंक पर भी होगा असर?
हड़ताल का प्राइवेट बैंक पर कोई असर नहीं होगा।

7. बैंक हड़ताल में क्यों शामिल?
बैंक कर्मचारी बैंक मर्जर के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं, इसी वजह से वे हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

8. भारत बंद का मकसद क्या है?
ट्रेड यूनियनंस का कहना है कि केंद्र सरकार की आर्थिक और जन विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल का आयोजन किया गया है। इसके अलावा, वे प्रस्तावित लेबर लॉ का भी विरोध कर रहे हैं। स्टूडेंट यूनियंस शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं।

9. दिल्ली बॉर्डर सील नहीं
भारत बंद के चलते दिल्ली बॉर्डर सील रहने की अटकलें चल रही थीं। हालांकि अभी तक दिल्ली पुलिस ने ऐसा नहीं किया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली बॉर्डर पर बंद के मद्देनजर अतिरिक्त इंतजाम हैं, लेकिन बॉर्डर सील नहीं है।

10. सरकार का क्या कहना है?
2 जनवरी को ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि लेबर मिनिस्टर से मिले लेकिन बात नहीं बन पाई, जिसकी वजह से ट्रेड यूनियन ने 8 तारीख को घोषित हड़ताल को वापस नहीं लेने का फैसला किया।



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