छपाक देखने के बाद CM कमलनाथ ने दिया था ये आदेश, अब एक्‍शन में जुटे 3 विभाग

भोपाल
एसिड अटैक (Acid Attack)के मामलों में अब मध्य प्रदेश सरकार एक्शन में आ गई है. सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के बाद से ही एसिड की धरपकड़ शुरू हो गई है. राजधानी भोपाल की कई दुकानों में इसकी जांच की गई. आपको बता दें कि छपाक को टैक्स फ्री करने के बाद से सीएम ने एसिड की खुली बिक्री पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया गया और भोपाल में कई दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई. यही नहीं, भोपाल कोर्ट ने पुराने मामले में एक एसिड फेंकने वाले आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है.

राजधानी भोपाल में ड्रग डिपार्टमेंट, खाद्य विभाग और क्राइम ब्रांच ने एसिड बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई की. सीएम कमलनाथ के आदेश के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और यही वजह है कि पुराने भोपाल के एसिड के होलसेल मार्केट में कार्रवाई की गई. प्रशासन का कहना है कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और आज जहां जहां कार्रवाई की गई है वहां वहां लाइसेंस और परमिट को लेकर कई अनियमितताएं सामने आई हैं. हालांकि बाजारों में खुले आम बिकने वाले इस एसिड को इतना खतरानाक नहीं पाया गया.

पिछले कुछ सालों में एसिड अटैक को रोकने के लिए देश में कई तरह के सख्त कानून बने हैं. हालांकि पहले एसिड अटैक के मामले में आईपीसी की धारा में कोई अलग से प्रावधान नहीं था बल्कि आईपीसी की धारा 326 (गंभीर रूप से जख्मी करना) के तहत ही मामला दर्ज होता था. पुराने कानून के मुताबिक 10 साल या उम्र कैद की सजा का प्रावधान था. जबकि कानून में बदलाव के बाद 326A और 326 B अस्तित्व में आया.

आईपीसी की धारा 326 A में प्रावधान है कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझ कर किसी अन्य व्यक्ति पर तेजाब फेंका और उसे स्थाई या आंशिक रूप में नुकसान पहुंचाया तो इसे एक गंभीर जुर्म माना जाएगा. अपराध गैर जमानती होगा. दोषी को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्र कैद की सजा हो सकती है. 326 A में यह भी प्रावधान है कि दोषी पर उचित जुर्माना भी होगा और जुर्माने की रकम पीड़िता को दी जाएगी.

इस धारा का संबंध एसिड अटैक के प्रयास से है. इस कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति ने अगर किसी दूसरे व्यक्ति पर तेजाब फेंकने का प्रयास किया है तो यह एक संगीन अपराध है. यह अपराध गैर जमानती है. इसके लिए दोषी को कम से कम पांच साल तक की सजा हो सकती है और दोषी को जुर्माना भी देना पड़ सकता है.



Post a Comment