लखनऊ: डिफेंस एक्सो-2020 का भव्य समापन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पहली बार आयोजित हो रहे डिफेंस एक्सपो का औपचारिक समापन शनिवार को हुआ जब एक बार फिर दुनिया ने भारतीय पराक्रम, साज़ो सामान और सैन्य कौशल का अदभुत नज़ारा देखा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो को मील का पत्थर करार देते हुए शनिवार को कहा कि इस साल की यह प्रदर्शनी भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिये एक 'सफलता' है जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपो भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिये एक 'सफलता' है जिसने जनभागीदारी, निजी—सार्वजनिक भागीदारी तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के हर रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा  इस दौरान बंधन समारोह में 71 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जबकि 13 उत्पाद लॉंच हुए। साथ ही इक्सपो के दौरान 200 से अधिक समझौते हुए जिसमें 23 समझौते यूपी सरकार के साथ हुए। राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्पाद लाइसेंस प्रक्रिया को सरल किया गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि डिफेंसएक्सपो का आयोजन दिखाता है कि क्षेत्र में भारत दुनिया की बड़ी शक्तियों के साथ मिलकर चलने के लिए तैयार है।  साथ ही इस आयोजन ने लखनऊ को एक वैश्विक पहचान दी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिफेंसएक्सपो को सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं देश की आशाओं का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि डिफेंसएक्सपो-20 के दौरान 50 हज़ार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव आया है। आयोजन के अंतिम दिन डेफएक्सो 20 का दरवाज़ा आम जनता के लिए खोल दिए गए। रक्षा क्षेत्र में देश के शौर्य के प्रतीक बने इस आयोजन में शामिल होने के लिए खासी भीड़ उमड़ पड़ी।

गोमती रिवर फ्रंट पर लोगों के लिए रक्षा सेनाओं के शौर्य की गाथा कहने वाले आयुध उपकरणों और युद्ध की झांकी पेश की गई। उत्साहित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ जवानों का हौसला बढ़ाया। लोगों ने इन दृश्यों को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद किया। डेफएक्सो रविवार को भी आम लोगों के लिए खुला रहेगा। एक्सपो में 150 से अधिक विदेशी समेत 1000 से ज्यादा आयुध निर्माता कम्पनियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।



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