अमेरिका ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार हनन पर जताई चिंता

दुनिया भर में पाकिस्तान के बेनकाब होने का सिलसिला लगातार जारी है। पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ होने वाले अत्याचार और धार्मिक उत्पीड़न की खबरें आए दिन आती ही रहती है और भारत लगातार इसकी निंदा करता रहा है। भारत की इस बात पर अब अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है। अमेरिका ने ऐसे देशों के नाम बताए हैं जहां धार्मिक आधार पर लोगों का उत्पीड़न होता है और इनमें पाकिस्तान का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने 'अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता गठबंधन' लॉंन्च किया जो विश्व में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए की गई पहली ऐसी पहल है। माइक पोम्पियो ने आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों की निंदा की,और कहा कि जो लोग धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं वो गलत हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान से हिंदू स्थलों को तोड़े जाने और हिंदू लड़कियों के धर्म परिवर्तन की खबरें लगातार आती ही रहती हैं। ऐसे में पोम्पियो ने कहा है कि हम ईशनिंदा कानून की निंदा करते हैं। साथ ही पोम्पियो ने कहा कि हम सभी धर्मों के लिए चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की शत्रुता का विरोध करते हैं।



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