मोदी सरकार ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट के गठन को दी मंजूरी

राम जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर बनाने के लिए मोदी सरकार ने मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी धोषणा संसद में की। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि  सरकार ने अयोध्या कानून के तहत अधिग्रहीत सड़सठ.70 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को हस्तांतरित करने का भी फैसला किया है। पीएम ने कहा कि नौ नवंबर को फैसला आने के बाद सभी देशवासियों ने बहुत परिपक्वता का उदाहरण दिया था और वह इसके लिए देशवासियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीम  के फैसले के मुताबिक  सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया था और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। 

पिछले साल 9 नवंबर को राम जन्मभूमि के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही इसके लिए ट्रस्ट के गठन का इंतजार हो रहा था । केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट के गठन को मंजूरी दी गयी । ''श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र'' के नाम से बना ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में सरकार के इस फैसले के एलान किया ।

बुधवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि  सरकार ने अयोध्या कानून के तहत अधिग्रहीत 67.70 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को हस्तांतरित करने का भी फैसला किया है। पीएम ने कहा कि नौ नवंबर को फैसला आने के बाद सभी देशवासियों ने बहुत परिपक्वता का उदाहरण दिया था और वह इसके लिए देशवासियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। उन्होंने सभी दलों से भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए, समर्थन मांगा ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीम  के फैसले के मुताबिक  सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया था और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। 

लोकसभा में पीएम की घोषणा के बाद तमाम सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया । 

वहीं लखनऊ में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अयोध्या में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के निर्णय को मंजूरी दी ।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  ट्र्स्ट के गठन के एलान के बाद पीएम को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज का  दिन  भारत के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का दिन है। उन्होने कहा कि

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।  
यह ट्रस्ट मंदिर से सम्बंधित हर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा और 67 एकड़ भूमि ट्रस्ट को हस्तांतरित की जायेगी।  मुझे पूर्ण विश्वास है कि करोड़ों लोगों का सदियों का इंतजार शीघ्र ही समाप्त होगा और वे प्रभु श्री राम की जन्मभूमि पर उनके भव्य मंदिर में दर्शन कर पाएँगे।

सरकार ने दोपहर बाद ट्रस्ट के गठन से जुड़ा गजट नोटिफिकेशन जारी किया जिसमें  श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम के न्यास को दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित एक पते पर पंजीकृत बताया गया है ।

तमाम राजनीतिक दलों और अयोध्या के साधू संतों ने भी पीएम मोदी के एलान का स्वागत किया है ।
   
गौरतलब है कि पिछले साल नौ नवंबर के अपने ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण करने और मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन मस्जिद निर्माण के लिये देने का आदेश दिया था । कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट के गठन के लिए भी कहा था । सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है ।



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