पीएम मोदी कोकराझार में जनसभा को करेंगे संबोधित

ब्रू विस्थापितों के मुद्दों के स्थायी समाधान के बाद बोडो मुद्दे के हल से असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थायी शांति की नई बयार आई है. 27 जनवरी को दिल्ली में इस बड़े समझौते पर हस्ताक्षर हुआ था, जिसके बाद NDFB के विभिन्न धड़ों के 1,600 से ज्यादा हथियारबंद कैडर ने आत्मसमर्पण भी किया था.

समझौते के तहत विशेष विकास पैकेज से बोडो क्षेत्रों के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये की विशिष्ट परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. इसके साथ ही समझौते का उद्देश्य बोडो की सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषाई और जातीय पहचान को सरंक्षित करना है.

गृहमंत्री अमित शाह ने बोडो समझौता को प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र की एक और सफलता बताया था.



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