राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संसद में पीएम पेश करेंगे धन्यवाद प्रस्ताव

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जवाब देंगे। लोकसभा और राज्यसभा में बुधवार को कई अहम कामकाज देखने को मिले। राज्ससभा में शून्यकाल में शिवसेना के अनिल देसाई के विशेष उल्लेख के दौरान सीएए के विरोध में यूरोपीय संसद में एक प्रस्ताव लाए जाने का मुद्दा उठाया और कहा कि एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए कि भारत अपने अंदरूनी मामलों में दूसरे देशों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस पर सभापति ने सहमति जताते हुए कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में दखल का अधिकार किसी भी देश को नहीं है। राज्यसभा में सरोगेसी बिल को लेकर प्रवर समिति की रिपोर्ट भी सदन में रखी गयी। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरोगेट मां का करीबी रिश्तेदार होना जरुरी नहीं है। सरोगेट मां की बीमा अवधि भी 16 महीने से बढाकर 36 महीने करने की भी सिफारिश की गयी है । 

उधर, लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक 2020 पेश किया गया। बिल में प्रत्यक्ष कर विवाद के मामलों के समाधान के प्रावधान किये गये हैं। कांग्रेस ने इस बिल के पेश करने का विरोध किया। बिल पेश करते हुये वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कर विवादों के मामले में इस योजना के तहत एक निश्चित समयावधि तक लाभ उठाया जा सकता है। 

गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र का पहला चरण 11 फरवरी तक है। ऐसे में सरकार का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द  बजट पर भी दोनो सदनों में चर्चा पूरी हो  जिसके बाद अन्य विधायी कामकाज़ को लेकर भी प्रगति हो सके।
 



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