प्रशासन और समाजसेवियों की सहभागिता से घरों को लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को मिल रही बड़ी राहत the migrant workers returning home are getting great relief

भोजपुरी टोल नाका में 24 घंटे प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था

Food and water arrangements for 24-hour migrant workers at Bhojpuri Toll Naka
रायपुर-बिलासपुर हाइवे स्थित भोजपुरी टोल नाके में जिला प्रशासन और समाजसेवियों की मानवीय पहल से अपने-अपने घरों को लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत मिल रही है। लॉकडाउन में फंसे उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के प्रवासी श्रमिक प्रतिदिन बड़ी संख्या में रायपुर-बिलासपुर मार्ग से अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। बिलासपुर के युवा, व्यापारी व समाज के विभिन्न वर्गों के समाजसेवी प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रात-दिन एक कर इनकी सेवा कार्य में लगे हुए हैं। रास्ते में होने वाले इनकी तकलीफों को दूर करने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन एवं समाजसेवी अपने सामर्थ्य के अनुरूप उनकी सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। 
   
बिलासपुर जिले के बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे भोजपुरी टोल नाका में यहां से गुजरने वाले पैदल जा रहे श्रमिकों के पैरों को आराम देने के लिए चरणपादुका देकर आवश्यकता के अनुसार उनके लिए वाहन व्यवस्था भी उपलबध करायी जा रही है। साथ ही श्रमिकों के लिए भोजन-पानी, श्रमिकों के बच्चों के लिए ग्लूकोज, ओआरएस घोल, चॉकलेट, बिस्कुट की व्यवस्था भी रखी गई है। विश्राम करने के लिए पंडाल सहित जो मजदूर मास्क नहीं पहने होते हैं उन्हें मास्क भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन में जिला प्रशासन, विसडम ट्री फाउन्डेशन, व्यापारियों सहित समाजसेवी इस पुनीत कार्य में लगे हुए हैं। इस संकट की घड़ी में श्रमिकों ने बताया कि भोजपुरी नाके में भोजन-पानी, विश्राम, चिकित्सा परीक्षण जैसी सुचारू व्यवस्था उन्हें रास्तों में कहीं भी नहीं मिल पायी। इन सभी व्यवस्थाओं के लिए श्रमिकों ने राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित जिला प्रशासन और समाजसेवी संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त कर अपने घर को लौट रहे हैं।

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